जयपुर। जून 2018 में बैंक मैनेजर रोशनलाल यादव की हत्या करने जयपुर आए शूटर पप्पू कश्यप ने प्रकरण में एक और खुलासा किया है। आरोपी ने कहा कि सुपारी की रकम 15 लाख रुपए की मांग की तो निर्मला के प्रेमी उमेश शर्मा ने देने से इनकार कर दिया, जबकि उमेश ने चार लाख रुपए अपने छोटे भाई राहुल को सुपारी के तौर पर दे रखे थे।
जब शूटरों से बात नहीं बनी तो उमेश राहुल से सुपारी की रकम वापस मांगने लगा। तब राहुल ने खुद ही हत्या करने की ठान ली। पप्पू कश्यप ने पुलिस को बताया कि रोशनलाल की रैकी उन्होंने की थी। ऐसे में रोशनलाल की हत्या के बाद पुलिस उन तक पहुंच गई तो वे फंस जाएंगे। इसलिए रोशनलाल की हत्या से पहले उत्तर प्रदेश में आपराधिक मामलों के जारी वारंट में खुद ही जाकर गिरफ्तार हो गए और जमानत नहीं करवाई। रैकी के दौरान साथ आया शूटर विष्णु तो अभी भी जेल में बंद है।
पुलिस शूटर पप्पू की बातों की भी तस्दीक कर रही है। पुलिस ने बताया कि उमेश के जयपुर आने के बाद राहुल भी यहां आ गया और छोटा-मोटा काम कर जीवन यापन कर रहा था। कुछ पैसे एकत्र हुए तो जगतपुरा में बेडशीट की फैक्ट्री खोल ली लेकिन उसमें घाटा लग गया था। इधर, भाई उमेश रोशन की हत्या करने का दबाव बना रहा था। सुपारी की दी गई रकम 4 लाख रुपए लौटाने पर भी दबाव बना रहा था। वहीं शूटर सुपारी की रकम 4 लाख से बढ़ाकर 15 लाख कर चुके थे। तब राहुल ने भांजे के साथ हथियार लाकर रोशनलाल की गोली मार हत्या कर दी थी।
बोलेरो से कुचलने की साजिश:
आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि मैनेजर को कोटपूतली में ही बोलेरो से कुचलकर मारने की साजिश भी रची। इसके लिए राहुल फिरोजाबाद से बोलेरो खरीदने का प्रयास कर रहा था ताकि मामला सड़क दुर्घटना का बने और किसी को हत्या का शक नहीं हो। लेकिन बोलेरो की व्यवस्था नहीं हो सकी। वहीं बैंक मैनेजर रोशनलाल ने जिन लोगों को रुपए दे रखे थे, उन सबके नाम डायरी में लिख रखे थे। तीन महिलाओं को भी रुपए उधार दिए थे, उनसे भी पुलिस ने पूछताछ की है। पुलिस ने गोली मारने वाले राहुल शर्मा और उसके भांजे सनी की फोटो भी जारी की है।





No comments:
Post a Comment