करौली. ऑनलाइन फार्मेसी दवा विक्रय पर प्रतिबंध सहित अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को दवा दुकानों के बंद का आह्मन जिला मुख्यालय पर बेअसर ही रहा। कुछेक दुकानों को छोड़ सभी दवा दुकानें आम दिनों की भांति खुली। इससे बंद का कोई असर नजर नहीं आया।
ऑल इण्डिया केमिस्ट एण्ड ड्रग एसोसिएशन के तत्वावधान में ऑनलाइन फार्मेसी दवा विक्रय के विरोध में जिले के सभी खुदरा एवं थोक विक्रेताओं से जिला केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से दवा दुकानें बंद रखनें का आह्मन किया था, लेकिन आम दिनों की भांति सामान्य चिकित्सालय के सामने सहित अन्य विभिन्न स्थानों पर दुकानें खुली नजर आईं।
हालांकि इस दौरान कुछेक दुकानें बंद रख दवा विक्रेताओं ने ऑनलाइन दवा विक्रय का विरोध जताया। इसे लेकर एसोसिएशन के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र बंसल ने कहा कि मौसमी बीमारियों के मद्देनजर रोगियों की परेशानी को देखते हुए दुकानें खुली।
प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
एसोसिएशन की ओर से जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र बंसल के नेतृत्व में जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया है कि ऑनलाइन दवा विक्रय से ड्रग एण्ड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत नियमों के उल्लंघन की संभावना रहेगी। दवा का विक्रय रजिस्टर फार्मासिस्ट द्वारा नहीं किया जाने एवं दवाइयों के उपयोग व उपभोग की डोज की असुविधा रहेगी।
शिड्यूल एच वन दवाइयां, जिसके तहत एंटी बायोटिक का वृहद स्तर पर गलत उपयोग की प्रबल संभावना रहेगी। इसी प्रकार टीबी की दवाइयों के बिना रोक-टोक मिलने से राष्ट्रीय एरिडेक्शन प्रोग्राम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। वहीं नशीली दवाइयों, गर्भपात में प्रयुक्त की जाने वाली दवाइयों की आसानी से उपलब्धता होगी, जिससे सामाजिक बुराइयों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहेगी।
ज्ञापन में यह भी बताया है कि ऑनलाइन दवा विक्रय से जिले के करीब 400 दवा विक्रेताओं के रोजी-रोटी पर भी संकट उभरने की आशंका है। इस दौरान जिला सहसचिव अनिल शर्मा, राघवसिंह, उमेश व्यास, अभिषेक गुप्ता, बंटी आदि मौजूद थे।





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