छोटीसादड़ी खेलों से टीम लीडर में नेतृत्व की क्षमता तथा खिलाडिय़ों में उत्तरदायित्व की भावना एवं पूरी टीम के एक साथ प्रदर्शन से एकता की भावना का विकास होता है। शिक्षा के साथ खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोगी है ।
यह बात मुख्य अतिथि धनराज शर्मा जिला अध्यक्ष भाजपा ने तीन दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता ग्राम पंचायत पीथलवड़ी कला अंतर्गत सालेड़ा कला के समापन समारोह के दौरान कही।
अध्यक्षता उपप्रधान रमेश चंद्र गोपावत ने की।विशिष्ट अतिथि डालचंद जणवा, जिला उपाध्यक्ष भाजपा, वरदीचंद धाकड़ मंडल महामंत्री पश्चिम भाजपा, महीवर्धनसिंह अध्यक्ष ग्राम सेवा सहकारी समिति पीथलवड़ी कला, नाथूलाल मीणा जिला परिषद सदस्य, रामप्रसाद अहीर, सरपंच ग्राम पंचायत गणेशपुरा रहे। अतिरिक्त ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश साहू, पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हेमंत गुर्जर, संयोजक औंकारलाल मेनारिया, आयोजक संस्था प्रधान भेरूलाल जटिया ने संबोधन दिया।
अतिथियों का स्वागत अनिल बंबोरिया, शिवशंकर नागदा, नरेश शर्मा, अरविंद शर्मा, देवीलाल अहीर, श्यामलाल मेघवाल, रविशंकर कौशिक, गौरीशंकर मीणा एवं ग्रामवासियों ने किया। अतिथियों ने कहा कि खेल बच्चों में पोषक तत्वों की भांति शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है। बालक खेल में हार से निराश ना होकर, जीतने वालों से प्रेरित हो, आगे प्रयास करें। समारोह को विशिष्ट अतिथि डालचंद जणवा ने भी संबोधित किया। मुख्य निर्णायक कन्हैयालाल सेन ने बताया कि प्रतियोगिता में कबड्डी खेल में छात्र वर्ग में धाकड़ों का संतोषपुरिया व छात्रा वर्ग में बिलियां प्रथम रहे। खो-खो खेल में छात्र वर्ग में रावतों का संतोषपुरिया व छात्रा वर्ग में पीथलवड़ी खुर्द प्रथम रहे । 50 मीटर दौड़ में बालक वर्ग में अर्जुन मीणा मोहनपुरा, बालिका वर्ग में नानी मीणा मोहनपुरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर दौड़ में बालक वर्ग से छगनलाल, बिलियां व बालिका वर्ग से सीता मीणा धाकड़ों का संतोषपुरिया प्रथम रहे। रिले रेस में बालक वर्ग में धाकड़ों का संतोषपुरिया प्रथम एवं बालिका वर्ग में बिलियां प्रथम रहे। समारोह में स्थानीय विद्यालय की बालिकाओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। आभार प्रतियोगिता के संयोजक औंकारलाल मेनारिया ने व्यक्त किया। ध्वज अवतरण एवं समापन घोषणा के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन महेश शर्मा सुमन ने किया ।
यह कैसी लापरवाही
2008 से चित्तौडगढ़ जिले से अलग होकर प्रतापगढ़ जिले को बने हुए 10 वर्ष से अधिक हो गए लेकिन खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने आए विद्यालय के बच्चों के हाथ में सोमवार को शिक्षकों की लापरवाही को प्रदर्शित करते हुए विद्यालय का ध्वज दिखाई दिया। विद्यालय के ध्वज पर आज भी लापरवाही के चलते चित्तौडगढ़़ जिला अंकित था। शिक्षकों ने 10 वर्ष में भी अभी तक स्कूल के विद्यालय का ध्वज नया नहीं बनाया गया।





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