रामसीन. झाक गांव में डार्क जॉन के बावजूद भी अवैध बोरिंग का कारोबार जोरों से चल रहा है। गांव में हो रहे अवैध बोरिंग की जानकारी ग्रामीणों को मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। लेकिन नौ घण्टे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को भी सूचना दी, लेकिन उन्होनें भी फोन बंद कर दिए। ग्रामीण मानसिंह, मोडसिंह, जबरसिंह, भीमसिंह, भरतसिंह, भंवरसिंह, पप्पु खान, लाखाराम भील व नारायणलाल मेघवाल ने प्रशासन को सूचना दी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने पर उन्होंने विरोध जताया।
पुलिस व प्रशासन : मौके नहीं मिली गाड़ी
सूचना के करीब नौ घण्टे बाद पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचकर बोरिंग गाड़ी के खिलाफ कोई कार्रवाही नही की और कहा की मौक पर नही है बोरिंग गाड़ी। राजनैतिक दवाब के कारण पुलिस व प्रशासन ने बोरिंग गाड़ी के खिलाफ काई भी कार्रवाई करना उचित नहीं समझा।
इनका कहना
& कृषि भूमि पर बोरिंग तो हुआ है, लेकिन गाड़ी मौके पर नही ंमिली।
- हिम्मताराम मेघवाल, आरआई रामसीन
& रतपुरा की नदी के पास रोककर बोरिंग संचालक को हिदायत देकर छोड़ दिया।
सत्यकुमार, एएसआई पुलिस थाना, रामसीन
राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन हड़ताल से दूर
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
ह्म्ड्डद्भड्डह्यह्लद्धड्डठ्ठश्चड्डह्लह्म्द्बद्मड्ड.ष्शद्व
जालोर. संयुक्त मोर्चा (एटक, इंटक, सीटू) द्वारा 17 सितंबर के हड़ताल के आह्वान के बाद राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन ने इस हड़ताल से दूर रहने का निर्णय लिया है। फैडरेशन की ओर से इस संदर्भ में मुख्य प्रबंधक राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम जालोर को एक ज्ञापन सौंपा गया है।
जिसमें बताया गया है कि फैडरेशन इस हड़ताल में सम्मिलित नहीं होगी। साथ ही अवगत करवाया गया है कि कार्मिक ड्यूटी देंगे। ऐसे में उपस्थित कर्मचारियों के साथ कोई अप्रिय घटना, वारदात न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन को अवगत करवाया जाए।
हड़ताल में सम्मिलित नहीं होकर उपस्थिति देने वाले 20 कार्मिकों की सूची भी मुख्य प्रबंधक को सुपुर्द की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष जयसिंह चंपावत, शाखा अध्यक्ष हितेंद्रसिंह, शाखा सचिव उदयराजसिंह समेत काफी संख्या में संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
परियोजनाओं की क्रियान्विति पर एकजुट होने पर सहमति
आहोर ञ्च पत्रिका. जोगणी खेडा गांव में रविवार को किसान एकता संघ की ओर से किसान नेता प्रताप आंजणा के नेतृत्व में किसानों को सम्मेलन हुआ। जिसमें जवाईबंाध पुनर्भरण योजना लागू करने, जवाई कमांड क्षेत्र बढ़ाने समेत विभिन्न किसानों के हितों पर मंथन किया गया। किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता शंकरलाल परमार ने कहा कि साबरमती का सर प्लस पानी वाकल व साई का पानी लिफ्ट कैनाल के जरिए जवार्ई बांध परियोजना में लाने का सर्वे हुआ। लेेकिन राजनैतिक अभाव के कारण व कुछ हमारी कमजोरी की वजह से योजना धरातल पर उतर नहीं पाई। इसके लिए सतत प्रयास करना होगा। जनता को जागकर राजनैतिक दबाव बनाना पड़ेगा।ताकि हमारी यह महत्वपूर्ण योजना का कार्य शुरू हो।किसान एकता संघ के जिला संयोजक प्रताप आंजणा ने बताया कि हर बार चुनाव में राजनैतिक पार्टियां सिर्फ हमारे वोटों के लिए घोषणा करती है कि हम जवाई बंाध का पुनर्भरण योजना लागू करेंगे। करोड़ों रुपए की घोषणा करते हैलेकिन बजट जारी नही करते है। अब हमें जागना होगा। जवाई बंाध में पानी को लाकर कमांड क्षेत्र को बढ़ाने की मांग की। सुखसिंह बादनवाड़ी ने कहा कि किसानों को संगठित होकर लड़ाई लडनी होगी। उन्होंने किसानों को एकजुट होने की बात कही। इस मौके भंवरसिंह, ऊकाराम, गणेशसिंह, जोगसिंह, अशोक कुमार, जगाराम, वालाराम, अमराराम, राणाराम सहित कई जने मौजूदथे।





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