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अपनी सेहत को दांव पर लगा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सा शिक्षकों को आज तक न‍हीं म‍िलाा एक धेला

 

मो. इल‍ि‍यास/ उदयपुर. सड़ी गली लाश हो या गंभीर संक्रमण से हुई मौत। नाक-मुंह पर रुमाल बांधे खुद परिजन तक उसे छूने से गुरेज करते हैंं। ऐसे शवों की चीरफाड़ (पोस्टमार्टम) करने वाले चिकित्सा शिक्षक व सहायक के लिए सरकार ने प्रति पोस्टमार्टम हार्ड ड्यूटी भत्ता तो तय कर रखा है, लेकिन यह आदेशों में सिमट कर रह गया। अपनी सेहत को दांव पर लगा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सा शिक्षकों को आज तक एक धेला भी नहीं मिला।

राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षक (गु्रप-1) विभाग के शासन उप सचिव ने हार्ड ड्यूटी एलाउंस संबंधी आदेश जारी किया था। इसमें चिकित्सा शिक्षक को प्रति पोस्टमार्टम 400 रुपए व सहायक हेल्पर को 100 रुपए देने की बात कहीं। यदि पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से होता है तो 400 रुपए बोर्ड के अध्यक्ष देने का प्रावधान रखा गया।

एमबी में हो रहे पूरे साल 1400 पोस्टमार्टम
संभाग के सबसे बड़े महाराणा भूपाल चिकित्सालय में प्रतिमाह करीब 100 से 125 पोस्टमार्टम होते है। यह आंकड़ा पूरे साल में 1400 के पार पहुंचता है। इनमें से आधे से ज्यादा शव सड़े-गले, दुर्घटना में क्षत विक्षत वाले होते है। दुर्गन्ध के बीच चिकित्सक व सहायक को पोस्टमार्टम के दौरान हर दम संक्रमण का खतरा रहता है। प्रतिदिन औसत पांच से सात शवों के पोस्टमार्टम में एक या दो शव तो ऐसे है जिनकी मौत के कारण के खुलासे के लिए विसरा लेना अनिवार्य होता है। चीरफाड़ के बीच पूरे काम में एक से डेढ़ घंटे लगते है। अमूमन राजस्थान के हर संभाग मुख्यालय की ऐसी ही स्थिति है। सरकार ने दिसम्बर 2017 में ही हार्ड एलाउंस के रुप में यह भत्ता जारी कर दिया, यह राशि चिकित्सक को तो छोड़ों सहायक को भी नहीं मिली।

 

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राज्य व जिले के बाहर के शवों में भी माथापच्ची

एमबी चिकित्सालय में उदयपुर संभाग के अलावा समीपवर्ती मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर से भी दुर्घटनाओं में घायल व आग में झुलसे लोग सीधे यहीं रेफर होते है। मृत्यु के दौरान वहां की पुलिस यहां नहीं पहुंचती, ऐसी स्थिति में उदयपुर अस्पताल चौकी पुलिस ही उनका पोस्टमार्टम करवाती है। इससे शवों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही यहीं के चिकित्सकों व पुलिस को मामले दर्ज होने पर वहां पेशियां भुगतनी पड़ती है। बाहर आने-जाने के दौरान ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से मिलने वाला भत्ता बहुत कम है। जबकि हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र में 1000 रुपए एलाउंस मिलता है।



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