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गाजे-बाजे के साथ हुआ गणपति विसर्जन

 

बाड़मेर. गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू फिर से आ, मंगल मूरती मोरिया के जैकारों से शहर की गलियां सुबह से शाम तक गूंजती रही। शहर की गलियों में डीजे की धुन पर नाचते,गाते युवक-युवतियां व बच्चे गणपति के जयकारे लगा रहे थे। अवसर था अनंत चतुर्दशी पर गणपति प्रतिमाओं विसर्जन का। रविवार को शहर के जसदेर तालाब पर भगवान गणपति की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना कर विधि-विधान से विदाई दी गई।
गणेश चतुर्थी से प्रारंभ हुए गणपति महोत्सव में पिछले 10-11 दिनों से शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे पंडाल में उत्सव का माहौल रहा। विसर्जन के दिन सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई। गणपति प्रतिमाओं को तालाब तक ले जाने के लिए वाहनों की विशेष रूप से सजाया गया। इसके बाद अलग-अलग स्थानों से भक्तिगीतों के बीच गणपति प्रतिमाओं की रवानगी हुई।

विसर्जन पर हुई निराशा
हंसी खुशी के साथ नाचते गाते युवाओं की टोलियां जब जसदेर तालाब पहुंची तो यहां पर छोटे गड्ढ़े में मूर्ति विजर्सन करने की रस्म पूरी कर तुरंत बाहर निकाला जा रहा था। पानी कम होने के कारण टैंकर मंगवाएं जा रहे थे। ऐसे में लोगों को मायूसी हुई। वहीं टोली के साथ आए युवाओं को बेरीकेड्स के पास रोका जा रहा था । महज 4 -5 लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा था। ऐसे में विजर्सन के लिए पहुंचे श्रद्धालु निराश नजर आए।

गणपति के साथ सेल्फी
डीजे पर भक्ति गीतों पर नाचते गाते श्रद्धालु गणपति के साथ सेल्फी लेते नजर आए। जसदेर तालाब पर मेले जैसा माहौल रहा।

धूमधाम से गणपति की विदाई, उल्लास और उत्साह

बाटाडू . अनन्त चतुर्दशी पर रविवार को 11 दिवसीय गणपति महोत्सव का समापन हुआ। इस दौरान गाजे-बाजे के साथ कस्बे के सभी मोहल्लों के श्रद्धालुओं व आस-पास की ढाणियों के ग्रामीणों ने गणपति विसर्जन में भाग लिया। इस दौरान युवाओं व युवतियों की टोलियों ने गुलाल उड़ाते हुए गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे लगाए।

बारिश के अभाव में सूखे तालाब, कुएं के पास डिग्गी बना किया विसर्जन
गडरारोड . कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में बीते दस दिन से चल रहे गणपति महोत्सव का हर्षोल्लास के साथ रविवार को समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तूं जल्दी आ... के उद्घोष व डीजे की धुनों पर नृत्य करते हुए रंग गुलाल उड़ाई तथा उल्लस के साथ गणपति को विदाई दी।

क्षेत्र में अकाल के चलते तालाब और नाडियां सूखी पड़ी हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को गणपति विसर्जन में मुश्किल का सामना करना पड़ा। एक ट्यूबवेल की डिग्गी में पानी इक_ा कर उसमें प्रतिमा का विसर्जन किया गया। कस्बे के माहेश्वरी भवन, सून्दराई मोहल्ले, सैन मोहल्ले में छप्पन भोग, महाआरती के साथ शोभायात्रा निकाली गई।

शिव . कस्बे में स्थापित गणपति की प्रतिमा का विशेष शृंगार करवाया गया। महाआरती के साथ मोदक का भोग लगा प्रसाद वितरण किया। इसके बाद बाबागरीबनाथ मंदिर से रवाना हुई शोभायात्रा में झांकियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। संयोजक उमाशंकर माली ने बताया कि मानसरोवर तालाब पर गणपति विसर्जन हुआ।
मौखाब में गजानन्द नवयुवक मंडल की ओर से स्थापित गणपति की नौ फीट प्रतिमा का रवीवार को विसर्जन किया गया। आयोजन कमेटी के देव सैन ने बताया कि महाआरती कर 21 किलो भोग लगाया गया। इसके बाद मटली तालाब में विसर्जित किया। उंडू में श्याम मित्र मंडल के तत्वाधान में गणपति महोत्सव का समापन हुआ। समिति के जालमसिंह भाटी ने बताया कि यहां पीनतरी नाडी में प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

बायतु . स्वर्णकार समाज कमेटी के सयुंक्त तत्वावधान में गणपति महोत्सव का समापन हुआ। कमेटी के सदस्य राजू सोनी ने बताया कि डीजे की धुन के साथ जगदम्बा मंदिर से शोभायात्रा रवाना हुई। नया सोमेसरा गांव स्थित नाडी में मंत्रोच्चारण के साथ गणपति प्रतिमा को विसर्जन किया गया।



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