पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस राज के दौरान जीएसटी बिल में पेट्रोल-डीजल भी शामिल था, लेकिन केन्द्र एनडीए सरकार ने इसे जीएसटी में शामिल नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वैसे तो प्रधानमंत्री जीएसटी लागू करने को लेकर खुद की पीठ थपथपाते हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने से कतराते हैं। सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल कर लिया जाए तो इनके दामों में 15 से 20 रुपए प्रति लीटर की कमी हो सकती है। वहीं एलपीजी गैस सिलेण्डर के दामों में भी भारी बढ़ोतरी का आरोप लगाया।
कच्चे तेल के दाम गिरे, पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा
पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान वर्ष 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 108 डालर प्रति बैरल थी, उसकी तुलना में वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत 30 प्रतिशत कम है। इसके बाद भी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर और डायनमिक प्राइजिंग पॉलिसी लागू कर इनकी कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि की है। पेट्रोल पर 211 प्रतिशत टैक्स बढ़ाया गया और डीजल 443 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी से सरकार ने लगभग 12 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इसी तरह एलपीजी गैस सिलेण्डर की कीमत 370 रुपए से बढक़र 810 रुपए तक पहुंच गई। उन्होंने भाजपा सरकार पर देश के लोगों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने नोटबंदी से छोटे उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे का आरोप भी लगाया।
महंगाई से आमजन त्रस्त, बंद में करे सहयोग
सिंह ने कहा कि वर्तमान में महंगाई से आमजन त्रस्त है, इस कारण पार्टी की ओर से आगामी 10 सितम्बर को प्रस्तावित भारत बंद में सहयोग करें। बंद को अनेक संगठनों ने समर्थन भी जताया है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली ने महंगाई से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए पार्टी की ओर से 10 सितम्बर को भारत बंद का आह्वान किया गया। जिले के लोग अलवर बंद में सहयोग करें। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस से लेकर दाल व सब्जी तक महंगी हो गई हैं। इस मौके पर जिला प्रमुख रेखा राजू यादव, पूर्व विधायक कृष्णमुरारी गंगावत सहित अन्य लोग मौजूद थे।





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