राजसमंद. प्राथमिक भूमि विकास बैंक राजसमंद में करोड़ों के घपले की शिकायत करने वाले ओलादर ग्राम पंचायत के उप सरपंच चन्द्रकांत आमेटा ही बैंक के डिफॉल्टर निकले। एसबीआई मजेरा व अरबन बैंक से करीब चौदह लाख का ऋण बकाया होने के बावजूद भूमि विकास बैंक से दो बार फर्जी दस्तावेज पेश कर लाखों रुपए उठा लिए। अब साढ़े 14 लाख ऋण अवधिपार होने पर बैंक ने जमीन नीलामी व कुर्की की कार्रवाई कर वसूली की तैयारी कर ली है।
जानकारी के अनुसार ओलादर, पोस्ट मजेरा निवासी चन्द्रकांत आमेटा ने सहकारिता मंत्री जयपुर में भूमि विकास बैंक राजसमंद में अनियमितता की शिकायत दर्ज करवाई। आरोप है कि कुंभलगढ़ क्षेत्र के गरीब 35 से 40 किसानों के नाम से फर्जी तरीके से बैंक के दलाल व कार्मिकों ने मिलकर करीब 10 करोड़ का घोटाला किया। इसके तहत भूमि समतलीकरण, कुआ बावड़ी, रोजगार, टेंट, तेलगाणा का कोई कार्य नहीं हुआ। इस पर सरकार द्वारा कराई जांच में आमेटा को 26 दिसंबर 12 को 9 लाख रुपए का ऋण लिया, जिसके तहत एक लाख 72 हजार रुपए चैक से आमेटा को दिया और शेष राशि टेंट हाउस के लिए फर्म को भुगतान किया। इसी तरह ऋण पर्यवेक्षक की रिपोर्ट में 1.80 लाख की सामग्री उपलब्ध होना दर्शाया, मगर सत्यापन तारीख अंकित नहीं है और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट के तहत द्वितीय किश्त में 1.72 लाख रुपए चैक से ऋणी को दिए गए। आमेटा के नाम का ऋण दलाल व कार्मिकों द्वारा हजम करने के आरोप लगाए, मगर जांच में ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह प्रमाणित हो कि उक्त ऋण आमेटा ने प्राप्त नहीं किया। अधिकार पत्र, चैक, पत्र आदि पर हस्ताक्षर है। एसबीआई मजेरा में 2.97 लाख व राजसमंद अरबन बैंक में 11.16 लाख का ऋण बकाया होने के बावजूद बैंकों से नोड्यूज का प्रमाण पत्र पेश क दिया और उसी आधार पर भूमि विकास बैंक ने ऋण दे दिया। आमेटा द्वारा अधूरी जानकारी देने देने पर बैंक ने कार्रवाई करते हुए एक मुश्त ऋण जमा वसूली के लिए 10 जनवरी 13 को ही कार्रवाई कर दी। इसके तहत 14.58 लाख अवधिपार ऋण है।
दलाल-कार्मिकों उठाया मेरा ऋण
मेरे नाम पर फर्जी ऋण भूमि विकास बैंक से दलाल व कार्मिकों ने उठा लिया। हादसे में कई माह अस्पताल में रहा, तभी आरोपितों ने धोखे से मेरे नाम लाखों का ऋण उठा लिया। मुझे न टेंट मिला और न ही ऋण की सारी राशि। मेरे अलावा 70 से 80 लोगों के नाम फर्जी ऋण हुए हैं, जिनकी जांच की जाए, तो सब सामने आ सकता है।
चन्द्रकांत आमेटा, उप सरपंच ओलादर
डिफॉल्टर पर कार्रवाई शुरू
बैंक के नाम जमीन रहन रखने के बाद नियमानुसार ऋण दिया। चंद्रकांत आमेटा बैंक का डिफॉल्टर है, जिसके विरुद्ध सम्पती नीलाम व कुर्की की कार्रवाई कर ऋण के करीब साढ़े चौदह लाख रुपए वसूली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
भवानीसिंह कविया, सचिव प्राथमिक भूमि विकास बैंक राजसमंद





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