चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर शनिवार को हुई सड़क दुर्घटना में काल का ग्रास बने कानोड के निकट रावतपुरा गांव के भाई बहन का रविवार को गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार कर दिया। नारायण व उसकी बहन माया मेघवाल की जब घर से एक साथ अर्थी उठी तो घर में कोहराम मच गया।
अंतिम संस्कार में शामिल हर आंख नम थी, एकाएक पूरे परिवार को इस हादसे ने तहस-नहस कर दिया। हादसे में गंभीर घायल मां मांगी देवी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
नारायण के पिता को हादसे की सूचना दी गई लेकिन बेटे और बेटी की मौत के बार मैं उनके यहां आने पर बताया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हादसे के बाद परिजनों को रो—रोकर बुरा हाल। वहीं क्षेत्र में हादसे की सूचना मिली तो स्तब्ध रहा गया और परिजनों को ढाढ़स देने के लिए घर पहुंचे। दोनों भाई बहन का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़—उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को एक कार ने गलत साइड जाकर वैन को टक्कर मार दी, इससे कार चालक और वैन में सवार भाई—बहन सहित चार की मौत हो गई व एक महिला घायल हो गई।
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नहीं मिल पाए भांजों से
दुर्घटना में मृत अरविंद कुमार कोलकाता से आ रहे अपने भांजे को लेने व एक अन्य भांजा जो उदयपुर से चीन जा रहा था, उसे विदा करने डबोक एयरपोर्ट जा रहे थे।
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