कोटा. अनंत चतुर्दशी पर गणपति बप्पा की महाविदाई की शोभायात्रा के स्वागत में मानो भगवान भोले शंकर ने ऐसी जटा खोली की रविवार को सूरज की पहली किरण निकलने से पहले ही रिमझिम बारिश की झड़ी लगा दी। न सूरज की तपन थी और न उमस, बस था तो खुशनुमा माहौल। अनंत आस्था और अपार उत्साह के बीच प्रथम पूज्य विनायक की शोभायात्रा सूरजपोल दरवाजे से रवाना हुई। यहां संतों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा को रवाना किया। शोभायात्रा में आस्था का समंदर हिलौरे ले रहा था।
श्रद्धालु शोभायात्रा में गणेश भगवान की प्रतिमाओं के समक्ष सिर झुका रहे थे तो कई पुष्प वर्षा कर स्वागत कर रहे थे।शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु गणेश भगवान की शोभायात्रा के साथ यहां पहुंचने लगे। दोपहर 12 बजे सूरज पोल गेट से मल्टीपरज स्कूल तक शोभायात्रा में शामिल अखाड़ों और झांकियों की कतारें लग गई। अखाड़ों में हैरत अंगेज करतब दिखाने की होड़ मची थी। बारिश में भीगने के बाद भी अखाड़ों के उस्तादों का उत्साह देखने लायक था। कोई सीने पर पत्थर तोड़ रहा था तो कोई सीने से मोटरसाइकिल निकाल रहा था। नन्हें उस्ताद भी कम नहीं थे, कोई तलवार लहरा कर तो कोई मुंह से आग बुझाने जैसे हैरत अंगेज करतब दिखाकर आश्चर्यचकित कर देते थे। महिला उस्तादों का उत्साह भी जबर्दस्त दिखा। अब के बरस तू जल्दी आ..., गणपति बप्पा मोरिया.. जैसे गणेश महिमा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालुओं का कारवां कदम से कदम आगे बढ़ रहा था।
विसर्जन की व्यवस्था में मुस्तैद प्रशासन
शोभायात्रा में व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैदी से जुटा था। नगर निगम की ओर से सुबह 10 बजे से ही किशोर सागर पर मूर्तियों के विसर्जन की माकूल व्यवस्था की गई। अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास की अगुवाई में टीम यहां तैनात थी। नाव में सवार होकर टीम मूर्तियों के विसर्जन में सहयोग कर रही थी।





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