करौली ञ्च पत्रिका. विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को राजस्थान राज्य एलएचवची-एएनएम एसोसिएशन की ओर से जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। जिला संयोजक अंजना सैन के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को लेबल १० में एवं महिला स्वास्थ्य दर्शिका को लेवल ११ में रखने, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता से महिला स्वास्थ्य दर्शिका व महिला स्वास्थ्य दर्शिका से लॉग सुपरवाइजर की पदोन्नति करने, जून २०१८ में निकाली गई भर्ती में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पदों में बढ़ोतरी करने, भर्ती की कांउसलिंग कर जल्द नियुक्ति देने, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का नर्स द्वितीय मे प्रमोशन करने, वेतन कटौती, सातवें वेतनमान व एरियर की समस्याओं का समाधान, न्यू पेंशन स्कीम को पुरानी पेंशन योजना में बदलने, उपस्वास्थ्य केन्द्रों का समय एक पारी में करने तथा अतिरिक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता जैसे गैर नॉटीफाइड पदनाम को समाप्त कर मूल कैडर में समायोजित करने की मांग की गई है। इस दौरान
सुमनकुमारी, सरस्वती मीना, राजकुमारी, ममता, सरोज शर्मा, नमिता शर्मा, विनिता मीना, भगवती आदि कार्मिक मौजूद थीं।
पटवारी के नहीं आने से अटके काम
फैलीकापुरा(हिण्डौनसिटी). ग्राम पंचायत खेडा जमालपुर हल्का पटवारी की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं।
ग्राम पंचायत सरपंच व ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पटवारी की कार्यप्रणाली की शिकायत की है। ग्राम पंचायत सरपंच ललिता जाटव व ग्रामीणों ने पंचायत राज
मंत्री और जिले के आलाधिकारियों को पत्र भेज अवगत कराया है।
सरपंच ने बताया कि पंचायत में कार्यरत पटवारी पंचायत मुख्यालय पर कई माह से नहीं आ रही है। जिससे ग्रामीणों के राजस्व कार्य व आवश्यक दस्तावेज संबधी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। सरपंच और ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार और गिरदावर को अवगत करा दिया गया। पर समस्या का समाधान नहीं हुआ। सरपंच ने पटवारी के मुख्यालय पर ठहराव के लिए पाबंंद नहीं करने पर आंदोलन की
चेतावनी दी है।
स्टेडियम में सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत, कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
करौली ञ्च पत्रिका. भाजपा युवा मोर्चा पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंप स्टेडियम में सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
ज्ञापन में मण्डल अध्यक्ष देवेश मुद्गल ने आरोप लगाया कि स्टेडियम के लिए मिला ६२ लाख रुपए का फंड मिला, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही। खेल सामग्री होने के बावजूद खिलाडिय़ों को उपलब्ध नहीं कराई जाती है। पूछने पर सामग्री उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है। बास्केटवॉल टे्रक व रनिंग टे्रक व बैडमिंटन कोर्ट में सभी निर्माणाधीन है जो गत ५-७ वर्षों से यथावत है। स्टेडियम में बिजली नहीं है। लाइन के नाम पर खम्भे खड़े कर दिए गए हैं। परिसर में सांप, बिच्छू आदि घूमते रहते हैं।
बारिश के दिनों में टै्रक पर पानी भर जाता है। उन्होंने स्टेडियम की समस्याओं का निराकरण करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में जितेन्द्र, विक्रमसिंह, लोकेश राजावत आदि मौजूद रहे।





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