पाली। जिले में सडक़ों की बदहाली आमजन के लिए अब भी परेशानी का सबब बनी हुई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की गौरव यात्रा से आमजन को उम्मीदें जगी हैं। उन्हें उम्मीद है कि दो दिन बाद जिले में आ रही मुख्यमंत्री सडक़ों को लेकर कोई बड़ा फैसला करेगी। जिलेवासियों को राजे का पांच साल पुराना वादा भी याद है जब वह सुराज संकल्प यात्रा में जैतारण आई थीं। जैतारण की आमसभा में राजे ने सडक़ों की बदहाल पर अचरज जताते हुए तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार को घेरा था। उन्होंने वादा भी किया था कि सत्ता में आएंगी तो सडक़ों की परेशानी से निजात दिलाएंगी। जिलेवासी अब राजे को अपना वादा याद दिला रहे हैं।
अनोपपुरा में फैला कीचड़, राहगीर हो रहे परेशान
अनोपपुरा/चाणोद। ग्राम पंचायत अनोपपुरा के आखरिया चौक समेत अन्य इलाकों में नालियों के लेवल सही नही होने से जगह-जगह कीचड़ फैलने से राहगीरों समेत आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत अनोपपुरा ने गंदे पानी के निकासी को लेकर विभिन्न इलाकों में पक्की नालियों का निर्माण करवाया गया था।
संबंधित ठेकेदार द्वारा कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने के कारण नालियों का लेवल सही तरीके से नहीं बनाया। इस स्थिति में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही है। नालियों में कचरा एकत्रित होने के कारण गंदा पानी सडक़ पर बहने लगता है। गांव के आखरिया चौक पर दिनभर गंदा पानी व बारिश का पानी एकत्रित होकर कई दिनों तक पड़ा रहता है। इससे कीचड़ सडक़ पर फैलने के कारण वाहन चालकों के फिसलने की आशंका रहती है।
मुख्य चौराहा होने के कारण दिनभर ग्रामीणों का जमावड़ा रहता है। चौक से निकलने वाली सडक़ आगे चाणोद-केनपुरा मार्ग पर जाकर मिलती है। अधिकांश वाहन चालक इसी मार्ग का उपयोग करते हैंए लेकिन कीचड़ फैला होने के कारण मजबूरी में अन्य मार्गों से होकर मुख्य सडक़ तक पहुंचना पडता है।
अंधेरे में निकलना हो रहा मुश्किल
पिछले दिनों सांसद पीपीण् चौधरी ने सांसद कोटे से ग्राम पंचायत के विभिन्न चौराहों पर सोलर लाइट लगवाई थी। अधिकांश जगह पर लाइट सही ढंग से कार्य कर रही हैं, लेकिन कुछ इलाकों में लाइटों ने कार्य करना बंद कर दिया। नियमित रूप से सारसंभाल नहीं होने से रात को अंधेरे में राहगीरों को कमला देवी ठोकरें खाने को विवश होना पड़ रहा है। कीचड़ सडक़ पर फैलने से समस्या और विकट हो रही है। आखरिया चौक पर फैले कीचड़ व एकत्रित गंदे पानी से मच्छरों की भरमार हो गई है।
एकत्रित हो रहा पानी
-अनोपपुरा गांव के कुछ इलाकों में सडक़ पर गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। आखरिया चौक में भी कीचड़ सडक़ पर फैल रहा है। नालियों का लेवल सही नहीं होने व आखरिया चौक में सीसी रोड पर ढलान नहीं बनाने से समस्या हो रही है। ग्राम पंचायत की बैठक में चर्चा कर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। -सूरजकंवर, सरपंच, ग्राम पंचायत, अनोपपुरा
क्षतिग्रस्त सडक़ बनी राहगीरों की परेशानी
राणावास। ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सडक़ें वाहनों चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। वोपारी से निम्बली होते हुए बड़ी गांव तक जर्जर मार्ग की वर्षों से कोई सुध नहीं ले रहा। वोपारी से बड़ी गांव तक 10 किलोमीटर का सडक़ मार्ग पूरी तरह से खस्ताहाल है। मार्ग पर जगह-जगह पर खड्डे पड़े हुए हैं। वाहन के गुजरने पर धूल के गुबार उड़ते हैं। क्षेत्र की जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वोपारी मार्ग पर ही केशरिया कंवर महाराज का मन्दिर है। यहां प्रतिमाह मेला भरता है।
30 किलोमीटर का चक्कर
वोपारी के ग्रामीणों को उपखण्ड स्तर मारवाड़ जंक्शन जाने के लिए यह सीधा रास्ता है, लेकिन सडक़ मार्ग नहीं होने के कारण डिंगोर व राणावास होकर 30 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ता है। सार्वजनिक निर्माण विभाग व जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत करवाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों में रोष है। सज्जनसिंह सांखला, देवीशंकर सोनी, मदन लखानी, शिवदास, मांगीलाल राठौड़, शंकरलाल मालवीय, सदाम हुसैन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
मार्ग पर बने जानलेवा कटाव
मार्ग के किनारे पर कई जानलेवा कटाव बने हुए हैं। मार्ग पर बने गड्ढे से राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग उदसीनता बना है। मार्ग पर बने गड्ढों में पानी भरने के कारण कीचड़ फैल जाता है। इससे ग्रामीण परेशान हो चुके हैं।
कई बार शिकायत
-कई बार उच्चाधिकारियों व विधायक को इस बारे में अवगत करवाया, लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। मजबूरन न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। -सज्जनसिंह सांखला, ग्रामीण, वोपारी
अभी नहीं बन सकता
-इस मार्ग के लिए राजस्थान सम्पर्क हेल्प लाइन नम्बर 181 पर परिवाद दर्ज करवाया था। यह मार्ग वित्तीय वर्ष 2018-19 बजट में नहीं है। इसलिए अभी यह मार्ग नहीं बन सकता है। सांसद को वोपारी से निम्बली गांव तक का ज्ञापन सौंपा था लेकिन कुछ नहीं हुआ। -मांगीलाल राठौड़, ग्रामीण





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