भीलवाड़ा. मध्यरात्रि 12 बजते ही शहर के सभी मंदिरों में नंद के आनंद भयो, हाथी घोड़ा पालकी-जय कन्हैयालाल की आदि जयकारों के बीच कान्हा का जन्मोत्सव मनाया गया। आरती के बाद पंजीरी प्रसाद का वितरण हुआ। इससे पहले दिन भर मंदिरों में श्रद्धालुओं की रौनक लगी रही। झांकियां देखने के लिए आने वाले भक्तों के लिए यातायात पुलिस ने विशेष व्यवस्था कर रखी थी। शाम ७ बजे से प्रमुख मंदिर सकंट मोचन हनुमान मंदिर में लोगो की कतारे लगना शुरू हो गई और सडक़ पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। पुलिसकर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।
मंदिर के बाहर लगी झांकियों को देखने मानों पूरा शहर उमड़ पड़ा। पेच एरिया बालाजी मंदिर में आकर्षक झांकियों को देखने लोग अपने परिवार सहित आए और झांकियों के दर्शन किेये। सडक़ पर वाहनों का जमावड़ा लगने पर गोल प्याऊ चौराहा पर ही यातायात पुलिस ने बेरिकेट्स लगा रखे थे जिससे लोग मंदिर तक पैदल पहुंचे और दर्शन किये। सुभाषनगर स्थित टंकी के बालाजी मंदिर में दिल्ली से आए कलाकारों ने राधा कृष्ण की झांकी बनाकर भजन कीर्तन किये और नृत्य किया जिससे वहां श्रद्धालुओं ने लुत्फ उठाया। लगभग १० वर्षो से मेला लगने से वहां शहरवासियों की रेलमपेल देखने लायक थी।
मंदिर परिसर से आधा किलोमीटर दूर तक आकर्षक विद्युत सज्जा की गई जो दूर से देखते ही मनोरम दृश्य बना रहा था। मंदिर में जीवन्त झांकियों में हिन्दू धर्म से देवी देवताओं के वेष धारण कर कलाकार बैठे हुए थे। बच्चों में इसे देख अलग ही आंनद की अनुभूति हुई। इसी तरह दूधाधारी गोपाल द्वारा सांगानेरी गेट मंदिर में भी फूलों से सजी झांकियां बनाई गई और सात दरवाजों के बीच से भगवान कृष्ण के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने जय कन्हैयालाल के जयकारों से मंदिर परिसर गुंज उठा। सुभाषनगर बड़ी पुलिया शिव मंदिर, छोटी पुलिया स्थित श्रीराम मंदिर, खाटू श्याम मंदिर शास्त्रीनगर, गायत्री नगर बाबा धाम, शास्त्रीनगर दादी धाम, काशीपुरी खाटू श्याम मंदिर सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में रात्रि १२ बजे तक लोगो की रेलमपेल रही। १२ बजते ही आरती हुई और पंजीरी का प्रसाद लेने के लिए लोगो की कतारें लगी।





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