Breaking News
recent

योजनाओं पर दलालों का डेरा...लाचार कैसे जिले की ‘सरकार’

सिकंदर पारीक/उदयपुर.इसे निगरानी का अभाव कहें या फिर मिलीभगत का जोर। जिले में कई सरकारी योजनाओं पर दलालों का डेरा है। वास्तविक लाभार्थी भी कमीशन देने को मजबूर है। गांव-ढाणी से लेकर शहर तक यही आलम है। सरकारी कार्यालयों में चप्पल घिसने के बाद भी कार्य नहीं होते हैं तो आमजन इन बिचौलियों के सम्पर्क में आ जाता है। यहां से शुरू होता है कमीशन लेकर उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का खेल। इसमें अफसर से लेकर कर्मचारियों तक कई खिलाड़ी शामिल होते चले जाते हैं। अपात्र भी बहती गंगा में हाथ धो रहे हैं। सलूम्बर में निर्माण श्रमिकों की योजनाओं में दलालों की भूमिका जहां जिला कलक्टर के सामने जगजाहिर हुई है, वहीं पिछले दो-तीन दिन में जिले में कई जगह अलग-अलग सरकारी योजनाओं में दलालों की भूमिका सामने आई है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

मावली तहसील के वाजमिया गांव में प्रधानमंत्री योजना उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का फायदा महिलाओं को देने के नाम पर दलालों ने मनमर्जी से राशि वसूल ली। करीब 40 से 50 उपभोक्ताओं के साथ यह लूट हुई। किसी से 1000 तो किसी से 1500 रुपए लिए गए। यानी केवल एक गांव में 50 हजार तक कमीशन का खेल चला, ऐसे में पूरे जिले के हालात जाने जा सकते हैं। यह तो गनीमत रही कि किसी ने प्रधान के समक्ष शिकायत रखी। प्रधान स्वयं वहां गए और दलाल को आड़े हाथों लिया। बाद में उसने उपभोक्ताओं को पुन: उनकी राशि लौटाई। बकौल प्रधान मोरठ में भी ऐसा ही गोरखधंधा सामने आ चुका है।

खाद्यान्न योजना
झाड़ोल के खाखड़ ग्राम पंचायत में 60 उपभोक्ताओं से पोस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया, लेकिन उन्हें राशन ही नहीं दिया। यहां तो सरपंच भी परेशान है। बकौल सरपंच राशन डीलर मनमानी कर रहा है, मेरी बात नहीं सुन रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर ने जुलाई व अगस्त में गेहूं कम आने की बात कही। बाद में यह कहकर अंगूठे लगवा लिए कि बाद में दे दूंगा लेकिन अभी तक गेहूं नहीं दिए गए।

आधार कार्ड

सख्त नियम है कि आधार कार्ड सरकारी परिसर में स्थित केन्द्र पर ही बनेगा और बिल्कुल मुफ्त, लेकिन जिले में मशीनें बाहर में संचालित हो ही रही है अब सरकारी परिसरों में स्थित केन्द्रों पर भी मनमर्जी की वसूली की जाती है। सायरा पंचायत समिति में तो बाजार में एक जगह फॉर्म भरकर राशि ली जाती है और फिर सरकारी केन्द्र में उसका आधार बनाया जाता है। कई गांव व ढाणियों से लेकर शहरी क्षेत्र में यह गोरखधंधा चल रहा है।

 

 

READ MORE : Video : रोडवेज की हड़ताल से बढ़ी निजी ट्रावेल्स की मनमर्जी...11 दिनों से चक्केजाम

 

 

निर्माण श्रमिक योजना
निर्माण में कार्यरत श्रमिकों के लिए श्रम विभाग की ओर से नौ योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी दलाल सक्रिय है। सलूम्बर में आयोजित जनसुनवाई में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आने के बाद जिला कलक्टर की भी आंख खुली और उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लिखकर दलालों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.