भीम. मियाला में भादवी पांचम के अवसर पर गुरुवार रात्रि को भागवत कथा आयोजन स्थल पर विराट कवि सम्मेलन हुआ।
सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन का आगाज हुआ। इसमें बांसवाड़ा के नयनेश जानी ने जो दूसरों से छीना गया, मुझे वो निवाला नहीं चाहिए, गुलाब का फूल जैसे कविताएं पढक़र खूब तालियां बटोरी। नागदा के कमलेश दवे ने काव्य पाठ करते हुए मरने के बाद नसीब, कविता पढक़र वाहवाही लूटी। रतना का गुड़ा देवगढ़ के जसवंत लाल खटीक ने सुन रे बाबा, बाबा के जयकारे सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भीलवाड़ा के दीपक पारीक ने ओजस्वी कविताओं के साथ मेवाड़ी भाषा में रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को बांधे रखा। नाथद्वारा के कानू पंडित ने हास्य रचनाओं से लोटपोट किया। प्रतापगढ़ के पार्थ नवीन ने पैरोडी के माध्यम से जोधपुर जेल का दृष्टांत बताया तथा खूब गुदगुदाया। जयपुर के अशोक चारण ने वीर रस से ओतप्रोत कविताएं पढ़ी तथा इनकी तिरंगा कविता को खूब सराहा गया। अतिथियों व कवियों का स्वागत संयोजक हीरालाल चंदेल, आयोजन समिति अध्यक्ष जयेंद्रसिंह रावत, सरपंच प्यारी रावत, तोलुसिंह, सतवीर सिंह, महेंद्रसिंह, सत्येंद्रसिंह, भंवरसिंह ने किया। इस अवसर दौरान जयेंद्रसिंह रावत, सरपंच पंकजासिंह, सरपंच प्यारी कंवर रावत, विनिता सालवी, लक्ष्मणसिंह, अभयसिंह, जसवंत सिंह, जगदीश चावला, भूरसिंह, शक्तिसिंह मौजूद थे।
गणपति महोत्सव में हुआ कवि सम्मेलन
केलवा. कस्बे में पंच तीर्थ पावटा की बाग में शिव दल मेवाड़ द्वारा आयोजित 7 दिवसीय गणपति महोत्सव के तहत शुक्रवार रात को कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कवि राजेन्द्र सोमानी ने गणपति गीत एवं हास्य रस की कविता से श्रोताओं का मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि दर्शन पालीवाल ने हिन्द के वाली की रचना का पाठ किया। योगेन्द्र जीनगर ने आंतकवाद के खिलाफ सैनिकों के बलिदान पर कविता पेश करते हुए उनकी शहादत को नमन किया और साथ श्रोताओं में देशभथ्क्ति का जज्बा भरा, जिस पर देर तक श्रोता तालियां बजाने को मजबूर हो गए। इस मौके पर कैलाश जोशी, मदन पालीवाल, दीपक कुमार, अनिल टांक, नगेन्द्रसिंह, राजेश सांवरिया, कल्याणसिंह, हिम्मत लक्ष्कार के साथ ही बड़ी संख्या में कस्बे एवं आसपास के क्षेत्र के रसिक श्रोता मौजूद थे।





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