जयपुर। मानसरोवर स्थित बीटू बाइपास पर गुरुवार देरशाम को दर्दनाक सड़क हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर के पहियों तले युवती का सिर हेलमेट सहित बुरी तरह से कुचल गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने शवों को जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जहां शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए। वहीं परिजनों को सूचित किया।
दुर्घटना दक्षिण थानाधिकारी जय सिंह ने बताया कि शाम करीब साढ़े 7 बजे एसएफएस चौराहे से आगे हादसा हुआ था। हाउसिंग बोर्ड चेयरमैन के पीए गोकुल राम सोलंकी (51) अपनी पुत्री पूजा (24) के साथ घर जा रहे थे। तभी नजदीक चल रहे सीमेंट के कट्टों से भरे ट्रेलर ने उनकी स्कूटी के टक्कर मार दी।
टक्कर के कारण स्कूटी तो दूर गिर गई, लेकिन पिता-पुत्री को ट्रेलर के पहियों ने कुचल दिया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया। इस भीषण हादसे को देख लोगों की भीड़ लग गई। वहीं दोनों के मोबाइल फोन भी टूट गए थे, ऐसे में पुलिस ने स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबरों के आधार पर परिजनों से संपर्क किया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद मृतक का बेटा और पत्नी जयपुरिया अस्पताल पहुंचे। घर के मुखिया और लाड़ली के खोने का दर्द उनके चेहरे पर दिख रहा था। बोल जरूर कम रहे थे, पर हर बार उनके बारे में ही सवाल पूछ रहे थे। बेटा प्रकाश सोलंकी मां के साथ आए थे। दोनों बिना किसी वाहन के पहुंचे। जयपुरिया से दुर्घटना दक्षिण थानाधिकारी उन्हें गाड़ी में साथ शिप्रापथ लेकर गए।
आए दिन होते हैं हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसरोवर के बीचोंबीच से गुजर रहे बीटू बाइपास से हर किसी को डर लगता है। यहां पर चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी कभी-कभी ही दिखते हैं। तेज रफ्तार ट्रक-ट्रोले आए दिन किसी ने किसी को चपेट में ले ही लेते हैं। जब बीटू बाइपास पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू किया गया था, तब भी लोगों ने इसका विरोध किया था।
वैशाली नगर से घर लौट रहे थे
पुलिस ने बताया कि गोकुल हाउसिंग बोर्ड में कार्यरत थे। उनकी बेटी सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी और वैशाली नगर में प्राइवेट जॉब कर रही थी। रोजाना की तरह ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद गोकुल स्कूटी से बेटी को लेने वैशाली गए थे और न्यू सांगानेर, बीटू बाइपास होते हुए प्रताप नगर स्थित अपने निवास पर जा रहे थे। इस बीच बेकाबू ट्रोले ने उनकी जिंदगी पहियों तले रौंद दी।





No comments:
Post a Comment