जयपुर। प्रदेशभर के व्याख्याताओं को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार बीकानेर निदेशालय का रुख नहीं करना पड़ेगा। उनके छोटे कार्य संभाग स्तर पर खुलने वाले संयुक्त निदेशक कार्यालय में ही हो जाएंगे। इस संबंध में शिक्षा विभाग कवायद कर रहा है।
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दरअसल, शिक्षा विभाग के ढांचे में परिवर्तन के बाद कार्य विभाजन में भी बदलाव किया जा रहा है। कार्य विभाजन की लिए गाइडलाइन तैयार हो रही है। इस संबंध में शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक होगी। जानकारी के अनुसार अगले सप्ताह तक गाइडलाइन जारी हो जाएगी। इसके बाद ही कार्यालय सैटअप होंगे। साथ ही अधिकारियों को कार्यविभाजन किया जाएगा।
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नौ संयुक्त निदेशक व 33 उपनिदेशक नए ढांचे में संभाग स्तर पर नौ संयुक्त निदेशक लगाए जाएंगे। वहीं जिला स्तर पर उपनिदेशक होंगे। यानी कुल 33 उपनिदेशक होंगे। जबकि ब्लॉक स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी बैठेंगे। यानी कुल 301 ब्लॉक में जिला शिक्षा अधिकारी होंगे। इस व्यवस्था से कार्य आसान होगा।
परिवर्तन और कार्य विभाजन के बाद जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से किए जा रहे कार्य ब्लॉक स्तर पर होने की संभावना है। इससे 2 लाख से अधिक तृतीय ग्रेड के अध्यापकों सहूलियत होगी।
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वहीं द्वितीय श्रेणी के कार्य जिला स्तर पर बने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय व 52 हजार वरिष्ठ अध्यापक के कुछ कार्य संभाग में उपनिदेशक स्तर पर ही होंगे। हालांकि नियुक्ति जैसे कार्य निदेशालय स्तर पर ही होते रहेंगे।
— कार्य विभाजन जिला स्तर से संभाग स्तर पर होने के बाद कार्यों में सरलता आएगी। शिक्षकों को बार-बार बीकानेर कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
विपिन प्रकाश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ





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