नर्इ दिल्ली। इनकम टैक्स में सेक्शन 80c आपको अपने टैक्स में आपको 1.50 लाख रुपए तक की बचत करने में मदद करता है। हालांकि इन छूट में कुछ के लिए कुछ खास शर्तें हैं। यदि आप इन नियम व शर्तों का पालन नहीं करते हैं तो आपको मुश्किल में फंस सकते हैं। एेसे में जरूरी है कि आप इन बातों पर खास ध्यान देें। आइए जानते हैं कि आखिर क्या हैं ये बात आैर आप कैसे इनका लाभ उठा सकते हैं।
होम लोन पर लें टैक्स छूट का फायदा
होम लोन पर आपको छूट तभी मिल सकता है जब आपने बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों जैसे कुछ विशिष्ट संस्थानों से ही होम लोन लिया हो। हाेम लोन पर आपको तब भी छूट मिल सकता है जब आपने नियोक्ता से मदद ली हो लेकिन इसके लिए आपको एक बात का ध्यान देना होगा। वो ये कि आपका नियोक्ता कोर्इ पब्लिक लिमिटेड कंपनी, केंद्र या राज्य सरकार, कोर्इ काॅर्पोरेशन यो कोर्इ युनिवर्सिटी हो। हां, यदि आपने अपने किसी दोस्त या संबधी से कोर्इ मदद लिया है तो आप अपने लोन के ब्याज पर सेक्शन 24(b) के तहत छूट पा सकते हैं। टैक्स पर छूट आपको आवासीय संपत्ति के लिए ही मिलता है। एक आैर बात आपको ये ध्यान देनी होगी कि ये छूट आपको तभी मिल सकता है जब आपने घर का पजेशन ले लिया है। यदि आप पांच साल के अंदर अपनी संपत्ति को बेच देते हैं तो आपको मिलने वाले सभी छूट पर रोक लोग जाएगा। यही नहीं अपन संपत्ति पर मिलने वाली रकम को आपका इनकम माना जाएगा आैर इसपर टैक्स भी देना होगा।
जीवन बीमा पर टैक्स छूट के लिए न करें ये गलती
आप अपने, पति/पत्नी आैर बच्चाें के जीवन बीमा के प्रिमियम पर भी टैक्स छूट ले सकते हैं। इसके लिए दो साल का लाॅक-इन पीरियड होता है। दो साल से पहले आप पाॅलिसी को टर्मिनेट या लैप्स नहीं कर सकते हैं। यदि आप इसमें फेल होते हैं तो टैक्स पर मिलने वाले छूट से आप हाथ धो सकते हैं।





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