गंगापुरसिटी. कोटा मंडल के प्रमुख स्टेशन में शामिल शहर के रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने की प्रक्रियां चल रही है, लेकिन इसके बाद भी गंगापुरसिटी में करीब एक दर्जन टे्रनों का ठहराव नहीं है। यह ट्रेन धड़धड़ाती रेलवे स्टेशन पर बिना रूके 'थ्रूÓ गुजर जाती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्री सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्रा करने की हसरत पूरी नहीं कर पाते है और मन मसोस कर रह जाते है।
किसी जमाने में गंगापुरसिटी दिल्ली-मुम्बई रेल मार्ग पर महत्वपूर्ण स्टेशन था, लेकिन वर्तमान में लोगों को थ्रू जाने वाली टे्रनों की 'सिटीÓ सुन कर ही संतोष करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इन ट्रेनों का लम्बे समय से संचालन किया जा रहा है, लेकिन रेलवे की ओर से स्थानीय स्टेशन पर ठहराव नहीं किया गया है। इसके चलते लोग सुविधा से वंचित हो रहे हैं।
यह है समस्या
रेलवे स्टेशन पर बिना रूके गुजरने वाली टे्रन दिल्ली व मथुरा से जुड़ी हुई है। दिल्ली, मथुरा व इससे आगे जाने के लिए यहां से गिनती की टे्रन ही उपलब्ध है। दोपहर को स्वर्ण मंदिर एक्सप्रेस के बाद दिल्ली के लिए रात 10.30 बजे ट्रेन मिलती है। हरिद्वार के लिए रात को देहरादून एक्सप्रेस मिलती है। इस टे्रन में भीड़ की अधिकता से सफर करना मुश्किल होता है। जयपुर के लिए भी एक मात्र टे्रन जयपुर-बयाना एक्सप्रेस ही है। त्योहार के समय तो इन टे्रनों में जगह ही नहीं मिल पाती है।
व्यापारिक शहर की पहचान
शहर में कई व्यापारिक गतिविधियां संचालित है। प्रमुख तौर पर कृषि जिंस और कपड़ा कारोबार शहर को विशेष पहचान दिलाता है। कृषिं जिंस भी देश के कई प्रदेशों में भेजी जाती है। इसके चलते यहां व्यापारियों का माल खरीदने के लिए दिल्ली, मुम्बई, आगरा, गुजरात आदि शहरों में आना-जाना होता है। ऐसे में व्यापारी और आम लोग टे्रन की सुविधा में विस्तार की आवश्यकता महसूस करते हैं, लेकिन यहां से चुनिंदा टे्रन की ही सुविधा मिल पा रही है।
प्रतिदिन हजारों यात्री
ऐसा नहीं है कि यहां से यात्री भार कम हो। प्रतिदिन यहां से हजारों की संख्या में यात्री टे्रन से सफर करते हैं। त्योहार व शादियों के सीजन में तो यात्रियों की संख्या में और अधिक इजाफा हो जाता है। इसके बाद भी यात्रियों के पास सीमित टे्रन की सुविधा ही उपलब्ध है, जबकि यात्री भार को देखते हुए अन्य टे्रनों का ठहराव करना चाहिए।
इन टे्रनों का नहीं ठहराव
शहर में कई प्रमुख टे्रनो का ठहराव नहीं है। निजामुद्दीन-बांद्रा, निजामुद्दीन-पुणे, स्वराज एक्सप्रेस, सर्वोदय एक्सप्रेस, वैष्णोदेवी-हापा, वैष्णोदेवी-जामनगर, हरिद्वार-बलसाड, निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम, कानपुर-बांद्रा, जियारत एक्सप्रेस, चडीगढ़-मडगांव, निजामुद्दीन-अहमदाबाद, चडीगढ़-कोच्चीवली आदि टे्रनों का ठहराव नहीं है। इनमें कई साप्ताहिक टे्रन है। इनका ठहराव होने से लोगों को सुविधा के साथ रेलवे को राजस्व का लाभ भी मिल सकता है।
बोर्ड करता है निर्णय
मंडल वाणिज्य निरीक्षक संतोष मीना ने बताया कि ट्रेनों के ठहराव को लेकर रेलवे बोर्ड के स्तर पर निर्णय किया जाता है। टे्रन की ठहराव की मांग आने पर अधिकारी प्रस्ताव भेजते हैं।
सुविधा बढ़ेगी
रेल विकास समिति संयोजक वेदप्रकाश मंगल ने बताया कि टे्रनों को ठहराव होने से लाभ होगा। व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेगी। समिति की ओर से भी मांग भेजी हुई है।





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