भीलवाड़ा ।
अखिल भारतीय पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता ढाई आखर पत्र लेखन अभियान के तहत कराई जा रही है। प्रतियोगिता का विषय मेरे देश के नाम खत निर्धारित किया गया है, जो रविंद्रनाथ ठाकुर की रचना आमार देशेर माटी से प्रेरित है। यह अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा। इसमें 18 साल तक व उससे ऊपर के बच्चों के लिए दो-दो श्रेणियां रखी गई है। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागी को घर बैठकर मेरे देश के नाम खत लिखना है क्योंकि पत्र लेखन का विषय डाक विभाग ने निर्धारित किया है।सर्वश्रेष्ठ तीन पत्रों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए की राशि मिलेगी।
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागी को अंतरदेशीय या लिफाफे पर पत्र लिखना है। इसका विषय होगा मेरे देश के नाम खत। अंतरदेशीय के लिए यह खत 500 शब्दों में लिखा जाएगा जबकि लिफाफे पर लिखे जाने वाले पत्र की शब्द संख्या 1000 होगी। पत्र लिखने के बाद इसे सहायक निदेशक पीएंडआर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल परिमंडल कार्यालय, सरदार पटेल मार्ग, सी.स्केम जयपुर को साधारण डाक के माध्यम से भेजना होगा।
प्रतियोगिता में उम्र का कोई बंधन नहीं है। लेकिन पत्र में प्रतिभागी को उम्र के संबंध में स्वहस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र देना होगा कि 1 जनवरी 2018 को वह इतनी उम्र का हो गया है। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए पत्र 30 सितंबर तक भेजना है।दो वर्गों में हो रही प्रतियोगिताप्रतियोगिता के लिए डाक विभाग ने उम्र का कोई बंधन तो नहीं रखा है लेकिन उम्र के लिहाज से दो वर्ग बनाए हैं।
डाक अधीक्षक केके बुनकर ने बताया पहले वर्ग में 18 साल तक के युवा, दूसरे वर्ग में 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को शामिल किया गया है। दोनों ही वर्गों के तीन-तीन प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिलेंगे। इसमें प्रथम पुरस्कार 50 हजार, द्वितीय 25 हजार व तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। पत्र लिखने के लिए भाषा का भी बंधन प्रतिभागी के लिए नहीं है। यह प्रतियोगिता देशभर में आयोजित हो रही है। इसलिए हिंदी, अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषा में पत्र लिखने की छूट दी गई है।





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