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बच्चों के साथ यह कैसा भेदभाव: एक तरफ हलवा परोसा तो दूसरी तरफ खिचड़ी

बसवा. कस्बे में संचालित विद्यालय में पोषहार वितरण में भेदभाव किए जाने का मामला सामने आया है। एक जगह बच्चों को हलवा बनाकर खिलाया गया तो दूसरी जगह खिचड़ी बनाकर खिलाई गई। जबकि सरकार के नियमानुसार शुक्रवार को दाल-रोटी का मीनू तय है।

इससे शिक्षा विभाग की ओर से जारी किए गए वार के मुताबिक पोषाहार वितरण के आदेशों की भी अवहेलना हो रही है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय दो भवनों में संचालित हैं। इसमें कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं नीमला बाजार में हेमंत जैन प्राथमिक विद्यालय के नाम से अलग भवन में संचालित हैं। इस भवन में अध्ययनरत 54 छात्रों के लिए पोषाहार में खिचड़ी का वितरण किया गया। जबकि मुख्य भवन में कक्षा 6 से 8 तक संचालित कक्षाओं के करीब 76 बच्चों को पोषाहार में हलवा वितरण किया गया। बनवाया गया। पोषाहार वितरण में भेदभाव करने से बच्चों के अभिभावकों में विद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है।

अभिभावकों का कहना है कि जब विद्यालय एक ही है तो पोषाहार भी एक ही होना चाहिए। हेमंत जैन विद्यालय पोषाहार प्रभारी मंजू गुप्ता ने बताया कि मेरे पास कक्षा 1 से 5 तक के पोषाहार का चार्ज है। पोषाहार बनाने के लिए एक महिला लगा रखी है। उसकी बेटी की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण दाल-रोटी नहीं बना सके, लेकिन सभी बच्चों को खिचड़ी पोषाहार में वितरित की गई। उधर प्रधानाचार्य राजेन्द्र बैरवा से भी मोबाइल पर सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया।

 

पंचायत समिति में बिजली सप्लाई बंद, -प्रधान व जेईएन में हुई नोकझोंक
बांदीकुई. पंचायत समिति में बिजली सप्लाई बंद होने व बकाया राशि जमा कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर दिनभर बिजली सप्लाई बंद रहने से कर्मचारी परेशान दिखाई दिए। जानकारी के अनुसार बिजली निगम का करीब दो वर्ष से पंचायत समिति पर दो लाख 8 हजार रुपए बकाया है। इसके बाद प्रीपेड़ मीटर लगा दिया गया। जिसे पंचायत समिति द्वारा रिचार्ज कराने पर बिजली सप्लाई सुचारू रही। इसी कड़ी में शुक्रवार सुबह 11 बजे रिचार्ज खत्म हो गया। इस पर आनन-फानन में पंचायत समिति की ओर से 30 हजार रुपए की नकदी लेकर निगम को जमा भी करा दी गई, लेकिन निगम की ओर से ऑनलाइन अपडेट नहीं करने से मीटर रिचार्ज नहीं हुआ। इस पर प्रधान ने निगम कार्यालय बिजली सप्लाई चालू नहीं होने के बारे में जानकारी की तो निगम की ओर से दो वर्ष पुरानी राशि जमा कराए जाने पर ही सप्लाई चालू होने की बात कही।

इसको लेकर प्रधान व जेईएन के बीच नोक-झोंक भी हुई। देर शाम तक पंचायत समिति में बिजली गुल रहने से कर्मचारियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। पंचायत समिति में कम्प्यूटर बंद पड़े रहे। इससे लोगों को भी खासी परेशानी हुई। देर शाम तक बिजली सप्लाई चालू नहीं हो सकी। प्र्रधान सीमा मीणा का कहना है कि पंचायत समिति के सभी रिकॉर्ड अवलोकन कर लिए हैं। निगम का कोई भी बिल पंचायत समिति पर बकाया नहीं है। वहीं विकास अधिकारी के आने पर निगम को मामले के निस्तारण का भरोसा दिलाया, लेकिन निगम अधिकारी नहीं माने और शाम तक सप्लाई चालू नहीं की। जबकि रिचार्ज के लिए राशि जमा भी करा दी गई।

उन्होंने बताया कि 60 एकल बिंदुओं की डिमाण्ड राशि करीब 7 लाख रुपए जमा कराए तीन माह हो गए, लेकिन निगम की ओर से खंभे तक नहीं लगाए गए हैं। उधर कनिष्ठ अभियंता मूलचंद मीणा का कहना है कि पिछला बकाया जमा कराने पर ही मीटर रिचार्ज किया जाएगा। उच्चाधिकारियों ने बकाया वसूली नियत समय पर किए जाने के आदेश दे रखे हैं। राशि जमा कराने के लिए पंचायत समिति को अवगत करा दिया है।



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