रिछेड़. कस्बे में आदिवासी भील समाज के लोक नृत्य गवरी का गलावण धूमधाम से किया गया। इससे पूर्व रात्रि में अंबामाता मंदिर पर जागरण रखा गया, जहंा रात भर गवरी नृत्य हुआ।
गलावण से पूर्व गवरी नृत्य का आयोजन अंबामाता मंदिर के पास मेघवाल मोहल्ले के मैदान में हुआ। इस दौरान गवरी देखने हजारों लोग उमड़े, जिससे मैदान पूरा भर गया। गवरी नृत्य के बाद शाम 4 बजे गलावण और विसर्जन को लेकर शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें महादेव, दो राई माता, पार्वती माता की पालकी एवं अंबा माता की पालकी को श्रद्धालु सिर पर उठाकर चल रहे थे। इनके आगे बैण्ड, ढोल-थाली एवं नासिक ढोल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु जयकारे लगाते चल रहे थे। करीब डेढ़ घंटे बाद शोभायात्रा वनजारी तलाई पहुंची। तलाई पर परंपरागत रूप से गलावण की रस्म अदा की गई।
पीपली आचार्यान. पीपली अहिरान ग्राम पंचायत में भग्गड़ के बावजी चौक में बुधवार को गवरी नृत्य का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों की भीड़ उमड़़ी। इस दौरान रामलाल अहीर, सरपंच हरिराम सालवी, नारायण गाडरी, नारायणलाल सिरवी ने शिव-पार्वती सहित सभी गवरी कलाकारों का स्वागत किया।
मोही. कस्बे के घांची कचेलिया तेली समाज की ओर से समाज के सामुदायिक भवन में बुधवार को आदिवासी भील समाज के गवरी नृत्य का आयोजन करवाया गया। समाज अध्यक्ष नारायणलाल तेली ने बताया कि जगदीशचन्द्र नुकुम, भीमराज तेली, रूपलाल तेली, भाऊ गाडरी, राधेश्याम तेली व बड़ी संख्या में समाजजन व ग्रामीण मौजूद थे।
सौहार्द दिवस मनाया
राजसमंद. साध्वी जसवती के सान्निध्य में बुधवार को प्रज्ञा विहार में अणुव्रत सप्ताह के तहत सौहार्द दिवस मनाया। संबोधित करते हुए साध्वी अनेकांत प्रभा ने कहा कि धर्म का सही अर्थ अंहिसा, संयम और तप है। अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। मुख्य अतिथि कालू हसन शाह, कल्याणमल विजयवर्गीय थे। अणुव्रत समिति अध्यक्ष अचल धर्मावत, तेरापंथी सभा उपाध्यक्ष प्रकाशचंद्र सोनी, मंत्री विनोद चंडालिया, लोकेश बापना, विनोद, योगेन्द्र चोरिडया, राजू पगारिया, तेरापंथ युवक परिषद अध्यक्ष विकास बाबेल आदि मौजूद थे।





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