दिलीप शर्मा/अजमेर।
राजस्व मंडल में इन दिनों कामकाज का ढर्रा कुछ अच्छा नहीं चल रहा। हाल ही में कलक्टरों की ओर से मंडल की अनदेखी का नमूना देखने को मिला ही है अब खुद मंडल प्रशासन चुनाव आयोग के निर्देशों की पालना पूरी तरह से नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग के आज से ठीक चार माह पहले 21 मई को जारी आदेशों की अक्षरत: पालना निर्वाचन आयोग नहीं कर सका है।
हाल यह है कि चुनाव आयोग के निर्देशों के बावजूद अब भी कई तहसीलदारों व नायब तहसीलदार गृह जिले में कार्यरत बताए गए हैं। कोढ़ में खाज की बात यह है कि प्रदेश में करीब 350 तहसीलदारों व 230 नायब तहसीलदारों के पद रिक्त हैं जब कि निर्वाचन में विधानसभावार सहायक निर्वाचनपंजीयन अधिकारी जैसा महत्वपूर्ण पद होता है। रिक्त पद होने के कारण चुनाव से पहले रिक्त पद पूरी तरह से भर पाना राजस्व मंडल के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।
जानकार बताते हैं कि जिलों के कलक्टर इस बात से वाकिफ हैं इसी के चलते वह भी मौजूदा तहसीलदार नायब तहसीलदारों को तुरंत रिलीव नहीं करते। हालात यह हो चुके हैं कि कईयों के घरों में पारिवारिक कलह की स्थिति बन गई है। भू-अभिलेख निरीक्षक या गिरदावर से नायब तहसीलदार व नायब से तहसीलदार पदों की पदोन्नति के मामले अदालतों में फंसे हैं। इधर प्रति माह सेवानिवृत्ति होना तय होता ही है। इस परिस्थिति के चलते रिक्त पदों की संख्या बढ़ती जाती है।
चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी महत्वपूर्ण
चुनाव के लिए महत्वपूर्ण पद विधानसभा चुनाव में 200 सीटों पर प्रत्येक सीट पर एक निर्वाचन पंजीयन अधिकारी आरएएस स्तर के होते हैं जबकि सहायक निर्वाचन अधिकारी तहसीलदार या नायब तहसीलदार होते हें। यही पदनाम मतदान प्रक्रिया के साथ ही रिटर्निंग ऑफिसर या सहायक रिटर्निंग अधिकारी कहलाते हैं।
जनप्रतिनिधि भी परेशान ....
सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि तबादला आदेश की क्रियान्विति को तरस रहे हैं पहले बैन खुलने का इंतजार होता है उसके बाद भी तीन से चार माह पदस्थापना में लग जाते हैं, इसके बाद रिलीव होने में छह माह लग जाते हैं। ऐसे में जनता के बीच जवाब देते नहीं बनता। जनता अपना काम मांगती है। तबादलों की उहापोह में जनप्रतिनिधि मन माकिफ आरओ या एआरओ नहीं लगा पाते।
सुझाव आए जरुर लेकिन अमल नहीं ...
हालाकि इसमें सुझाव यह भी दिए गए कि जिला कलक्टरों को अधिकृत कर दिया जाए वह रिक्त पदों पर तहसीलदार व नायब तहसीलदार लगाएं और वरिष्ठ भू अभिलेख निरीक्षक लगाएं लेकिन इसे कोई मानने को फिलहाल तैयार नजर नहींआता।
आंकड़ों की जुबानी: प्राप्त जानकारी अनुसार आंकड़े तहसीलदार ...
- स्वीकृत पद 655, कार्यरत 315, रिक्त पद 340 राजस्व तहसीलदार - 323 कार्यरत 244, रिक्त पद 79,उपपंजीयक - स्वीकृत 114, कार्यरत 23, रिक्त 91,विविध तहसीलदार - स्वीकृत पद 218, कार्यरत 48, रिक्त 91. नायब तहसीलदार नायब तहसीलदार ....स्वीकृत पद 953, कार्यरत 232, रिक्त पद 721.नायब तहसीलदार फील्ड - स्वीकृत 495, कार्यरत 208, रिक्त 287.नायब तहसीलदार नॉन फील्ड स्वीकृत 458, कार्यरत 24, रिक्त 434.
प्रदेश में तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के रिक्त पद काफी संख्या में है। चुनाव आयोग से इस संबंध में चर्चा हुई। विधानसभावार एक रिटर्निंग अधिकारी के पदों को भर दिया हैं विधानसभा मुख्यालयों पर। भारत चुनाव आयोग अनुसार$ गृह जिलों वाले अधिकारियों को हटा दिया गया है। पदोन्नति के मामले अदालत में विचाराधीन है। मतगणना के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी के पद पर नायब तहसीलदार के पदों को लगा दिया जाएगा। निर्वाचन कार्य निर्बाध होगा।
वी. श्रीनिवास, अध्यक्ष राजस्व मंडल अजमेर





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