भीलवाड़ा।
पापा को काम करते देख बेटियों ने जाना कि पापा कितनी मेहनत करते हैं। वे पिता के काम में कुछ देर के लिए ही सही लेकिन हाथ बंटाकर बहुत खुश थी। उन्हें यह भी अहसास हुआ कि उनके पिता सुबह से शाम तक कितना कठिन परिश्रम करते हैं।
पापा के ऑफिस आकर नोट काउंटिंग मशीन के बारे में जाना। किस तरह है क्लाइंट को डील किया जाती है व मशीनों में किस तरह टेक्निकल प्रॉब्लम दूर की जाती है यह भी जाना पत्रिका का धन्यवाद।
ऑफिस: केबी मार्केटिंग
बिटिया: इशिका जैन
पिता: मनोज जैन
यहां हॉस्पिटल में कई बीमारियों का इलाज होता है। सभी रोगियों का डाटा पापा के रिकॉर्ड रूम में रहता है। पापा ने कम्प्यूटर पर इसके बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार चिकित्सालय में प्रशासनिक व्यवस्था होती है।
ऑफिस: श्री सिद्धि विनायक हॉस्पिटल, तिलकनगर
बिटिया: पल्लवी सुवालका
पिता: बृजमोहन सुवालका (जनरल मैनेजर )
अपने माता पिता के जैसे डॉक्टर बनना चाहती हैं। बहुत अच्छा लगता हैं जब उसके सब दोस्त और उनके घर वाले उसके मम्मी-पापा से आंखें चेक कराने आते हैं। अपनी उम्र के अन्य बच्चों जैसे हॉस्पिटल से डर नहीं लगता है।
ऑफिस: कल्याणी आई हॉस्पिटल
बिटिया: अरुणिमा शर्मा
पिता: डॉ. आदित्य विक्रम शर्मा एवं डॉ. अदिति शर्मा
हमारी दुकान सभी त्योहार की खरीद के रंग में रंगी रहती है। यहां आकर बहुत कुछ सीखने को मौका मिला। पापा ने व्यवसाय की बारीकी बताई। ताऊ जी ने बताया कि किस तरह से ग्राहक से व्यवहार करना चाहिए।
ऑफिस: अग्रवाल बैग, गोलप्याऊ चौराहा
बिटिया: चारुल अग्रवाल, अंजलि अग्रवाल
पिता: जयकुमार-दीप्ति अग्रवाल
पापा का पढ़ाने का तरीका इम्प्रेसिव है। उन्हें बड़े-बड़े स्टूडेंटस को पढ़ाते देखकर अच्छा लगा।
ऑफिस: जय हिन्द अकेडमी
बेटी: आराध्यासिंह चारण
पिता: भूपेन्द्र सिंह
पापा के शो रूम में ढेरों डिजायन के कपड़े हैं। यहांं खरीद और बिक्री के बारे में पापा ने बताया। यह भी जाना कि त्योहार व विवाह के सीजन में अधिक ग्राहकी रहती है। पत्रिका को पूरा परिवार पसंद करता है।
ऑफिस: अम्बिका रेडिमेंट गारमेंट्स, हरिशेवा धाम रोड
बिटिया: भावना नागवानी
पिता: अशोक नागवानी
पापा बीगोद अस्पताल में मेल नर्स है। अस्पताल में पापा को रोगियों की चिकित्सा करते हुए देखा और यहां पापा के कार्य को देख कर मानवता की बातें सीखी। हमारा फेवरेट अखबार राजस्थान पत्रिका है।
ऑफिस: बीगोद चिकित्सालय
बिटिया: नव्या-दिव्यांका चर्तुर्वेदी
पिता-माता: प्रशांत व ज्योति व्यास चतुर्वेदी
इतने सारे इलेक्टिक फि टिंग उपकरण के सामान पापा के शो रूम में देखे तो अच्छा लगा। पापा ने इनकी उपयोगिता के बारे में बताया। यह भी बताया कि ग्राहक को कैसे बेचते हैं। टीवी पर तो बहुत कुछ देखने को मिलता है, लेकिन पत्रिका ने करीब से जाने का मौका दिया।
ऑफिस: कैलाश एंटरप्राइज, काशीपुरी रोड
बिटिया: ईवा सोनी
पिता: कैलाश सोनी (संचालक)





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