जैतारण, पाली।
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस बार पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बजाये कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को निशाने पर लिया है। सीएम राजे ने पाली में गौरव यात्रा के दौरान पायलट पर 'हल्लाबोल' करते हुए उन्हें राजनीती में नौसिखिया करार दे दिया। अपने सम्बोधन में सीएम राजे ने कहा, 'पायलट अभी नए बच्चे हैं, वो राजस्थान और यहाँ की राजनीति को नहीं पहचानते। उन्होंने कहा 'हम राजस्थान के अतीत के गौरव को फिर जिंदा करना चाहते है। हम 36 कौम को गले लगा कर आगे ले जाएंगे। '
सीएम राजे जोधपुर संभाग के दौरान गौरव यात्रा पर हुई पत्थरबाज़ी पर भी बोलीं। उन्होंने कहा, 'पत्थर सीएम पर नहीं बल्कि राजस्थान की साढ़े सात करोड़ जनता के स्वाभिमान पर मारा गया है। इस अपमान को जनता कभी नहीं भूलने वाली। '' राजे ने इस दौरान सरकार के मौजूदा कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने 5 साल में किए काम गिनाकर अगले चुनाव के लिए समर्थन माँगा और कहा, ''राखी की लाज रखना। ''
गौरतलब है कि सीएम राजे की गौरव यात्रा बुधवार को पाली पहुंची। बारिश के बीच सीएम राजे पाली के जैतारण पहुंची। यहां उन्होंने संत रूप मुनि के आश्रम में जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जैतारण में सभा से पहले वहां जमकर बरसात शुरू हो गई। सुबह हुई बारिश की वजह से सभास्थल पर व्यवस्थाएं बिगड़ गई। हैलीपेड पर पानी भरने से अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। सभा स्थल पर तेज बारिश के कारण शामियाना गिर गया जिससे चलते मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम बाल बाल बच गए।
कल करेंगी आऊवा पेरोनोमा का उद्घाटन
1857 की अमर क्रांति का गवाह रहा आऊवा जिसे राजस्थान सरकार द्वारा 160 साल बाद पुनः गाँव को उसका स्वाभिमान माँ सुगाली की प्रतिमा को आऊवा पेरोनोमा में स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही पूरे पेरोनमा में 1857 के महान क्रंतिकारियो का सचित्र वर्णन भी पेरोनमा में नजर आएगा।
राजस्थान सरकार द्वारा बनाया जा रहा पेरोनमा में उन वीर क्रांतिकारियो की प्रतिमा स्थापित की जायेगी जिन्होंने 1857 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ युद्ध किया। इसके साथ ही पेरोनोमा में 24 स्वतन्त्र सेनानियो की प्रतिमा भी स्थापित की जा चुकी है जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने दो दिन की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर कोर्टमॉर्शल कर बंदूको से मौत के घाट उतार दिया। हिंदुस्तान की ऐसी पहली घटना भी आऊवा में घटी।
इसके साथ ही 1857 का राजस्थान का इतिहास भी पेरोनोमा में नजर आएगा। माँ सुगाली की प्रतिमा व् पैट्रिक लॉरेश की प्रतिमा भी पेरोनमा में नजर आएगी। मेला चौक में बन रहा 1857 की क्रांति का पेरोनमा में आऊवा के इतिहास के साथ पूरे राजस्थान की क्रांति का भी सचित्र वर्णन किया जायेगा जिसके लिए पेशवा,रानी लक्ष्मी बाई, तात्या टोपे का इतिहास भी पेरोनमा में नजर आएगा। मुख्यमंत्री 30 अगस्त को प्रातः 9 बजे हवाई मार्ग से आऊवा पहुँच प्रदेश का सबसे बड़ा 1857 की क्रांति का पेरोनमा का उदघाटन करेगी।





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