इटावा/सुल्तानपुर/मांगरोल। राजस्थान गौरव यात्रा झालावाड़ और बारां जिले में दो दिन में 324 किमी का सफर तय करते हुए रविवार को तीसरे दिन चम्बल की धरती पर पहुंच गई। सुबह अंता विधानसभा के मांगरोल में सभा की और यहां हेलीकाप्टर से कोटा जिले के इटावा कस्बे में पहुंची। यहां सभा में पांच साल के विकास कार्य गिनाते हुए मुख्यमंत्री Vasundhara Raje ने कहा किजो काम पचास साल में नहीं किए, वह हमने पांच साल में कर दिखाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश को गड्ढे में धकेला है। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि हमारा खजाना कभी खाली नहीं होगा। जनता का पैसा जनता के विकास में लगाया जाएगा। निर्धारित समय से करीब सवा दो घंटे विलंब से इटावा पहुंची मुख्यमंत्री ने करीब चालीस मिनट के भाषण में सरकार की उपलब्धियों के साथ किसानों की कर्जमाफी क्षेत्र में कराए विकास कार्यों का जिक्र किया। सभा में कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परमानी, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी, क्षेत्रीय विधायक विद्याशंकर नंदवाना, देहात जिलाध्यक्ष जयवीरसिंह आदि मंचासीन थे।
किस पर क्या बोलीं (Rajasthan Ka Ran)
बिजली: मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सत्ता में आए तब प्रदेश में बिजली का ढांचा बिगड़ा हुआ था, बिजली कम्पनियां घाटे में थीं।
400 करोड़ रुपए बिजली व्यवस्था के लिए दिए। हमने बिजली पर एक रुपया भी नहीं बढ़ाया है, वरन पांच सौ रुपए में ही बिजली कनेक्शन दिया है। 30 मार्च 2019 तक प्रत्येक गांव में बिजली पहुंचाएंगे।
किसान: सभी किसानों के कर्ज माफ किए। तीन हजार करोड़ रुपए वापस किसानों के बीच बांटे
महिला: बच्चियों से दुष्कर्म पर आरोपी को फांसी की सजा तय की।
शिक्षा: क्षेत्र के 47 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया।
कांग्रेस का 26 वां सवाल
स्वच्छता अभियान का झूठा महिमा मंडन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री से 26 वां प्रश्न पूछा है कि ‘ठोस कचरा प्रबंधन के मोर्चे पर पूरी तरह से विफल रहने के बाद स्वच्छता अभियान का झूठा महिमा मंडन किए जाने पर, क्या वह गौरव महसूस करती हैं? पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता ही सेवा अभियान की घोषणा की है, लेकिन ठोस कचरे के प्रबंधन को लेकर सरकार ने जिस स्तर की लापरवाही बरती है, उसका खुलासा कैग रिपोर्ट से हो गया है। शहरों और कस्बों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए भाजपा सरकार कोई काम नहीं कर रही है। यही वजह है कि इस मद में आवंटित 292 करोड़ में से 60 करोड़ ही खर्च हुए हैं।





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