अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग के तत्वावधान में रविवार को प्रधानाध्यापक (माध्यमिक विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2018 हुई। अभ्यर्थी केंद्रों में कोई सामान नहीं ले जा सके। प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से हुई।
प्रदेश के सातों संभाग मुख्यालयों पर सुबह 9 से 12 तक सामान्य ज्ञान और दोपहर 2 से 5 बजे तक जनरल अवेयरनेस का पेपर हुआ। जयपुर में सर्वाधिक और भरतपुर में सबसे कम केंद्र बनाए गए। परीक्षा के लिए आयोग को करीब 87 हजार 596 आवेदन मिले थे। आयोग ने 1200 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा कराई।
परीक्षा में ड्रेसकोड
पुरुषों को आधी आस्तीन की शर्ट, टी-शर्ट, कुर्ता, पेंट-पायजामा और महिला अभ्यर्थियों को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता-ब्लाउज, हवाई चप्पल/स्लीपर पहननी पड़ी। महिलाओं को बालों में सिर्फ साधारण रबर बैंड लगाने,लाख/कांच की पतली चूडिय़ों पहनने की इजाजत मिली।
बाहर रखवाया सामान
कई महिलाएं सोने की चेन, चूड़ी, कानों की बालियां, अंगूठी पहनकर आई थीं। जांच के दौरान इन गहनों को खोलकर रिश्तेदारों को देने पड़ा। इसके बाद अभ्यर्थियों को घड़ी, मोबाइल, ईयर-फोन, पेजर, मोजे, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंड बैग, हेयर पिन, गंडा-ताबीज और अन्य सामान भी केंद्रों के बाहर रखने पड़े। केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया।
यूं बनाए संभागवार केंद्र
जयपुर-87
जोधपुर-50
बीकानेर-38
उदयपुर-32
अजमेर-30
कोटा-28
भरतपुर-25
पंजीकरण प्रक्रिया जारी
सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में चार सौ विद्यार्थियों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राचार्य डॉ. स्नेह सक्सेना ने बताया कि कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों में दक्षता बढ़ाने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई है।
साइबर लर्निंग एजेंसी कॉलेज के चार सौ विद्यार्थियों को माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस स्पेशलिस्ट ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण कोर्स के लिए विद्यार्थियों को 15 सितम्बर तक कॉलेज शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर पंजीकरण करना होगा। आवेदन के साथ कोई दस्तावेज लगाने की जरूरत नहीं होगी।
शिक्षकों को भी प्रशिक्षण
निदेशालय ने सौ शिक्षकों को भी कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देने को कहा है। इनमें अजमेर और आसपास के कॉलेज शिक्षक शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि ज्यादातर कॉलेज में शिक्षकों को कम्प्यूटर संचालन की जानकारी है। लेकिन निदेशालय ने पूर्व में वंचित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने को कहा है।





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