ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आश्विन 09 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण सप्तमी सोमवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 15 मुहर्रम 20 हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 01 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण दक्षिण गोल, शरद ऋतु।
राहुकाल प्रातः 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के 4 बजकर 10 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ, मृगशिरा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 52 मिनट तक उपरांत आर्द्रा नक्षत्र का आरंभ, व्यतीपात योग सायं 5 बजकर 41 मिनट तक उपरांत वरीयान योग का आरंभ। विष्टि करण सायं 4 बजकर 58 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में किसी भी शुभ कार्य की शुरूआत करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चंद्रमा अपराह्न 1 बजकर 18 मिनट तक वृष उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा सायं 4 बजकर 58 मिनट तक, सप्तमी का श्राद्ध, अक्टूबर मास प्रारंभ।
आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (वे, वो, का, की, कु) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सामान्य होंगे। ऐसे जातक आक्रामक होंगे तथा वीरता के कार्यों में सदा आगे रहेंगे। हमेशा दूसरों से सीखने की प्रवृत्ति रहेगी। प्रायः विद्वान होंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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