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मच्छरों से सावधान! 1 हजार 699 जगह मिले लाखों लार्वा

दौसा ग्रामीण. जिलेभर में मौसमी बीमारियां घर-घर पैर पसार रही है। साफ-सफाई एवं जागरूकता के अभाव में म'छरों के लार्वा पनप रहे है। चिकित्सा विभाग की ओर से जिले में 2 लाख से अधिक घरों में किए गए सर्वे में डेढ़ हजार से अधिक जगहों पर म'छरों के लाखों लार्वा मिले हंै।

 


जानकारी के अनुसार गत सप्ताह स्वास्थ्य दल आपके द्वार अभियान के तहत जिले में 2 लाख 13 हजार 794 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान घरों में स्थित 24 हजार 781 टंकियों की जांच की गई। इनमें से 982 पानी की टंकियों में लार्वा पाए गए। इसके अलावा 7 हजार 586 कूलरों की जांच में 370 में एवं 3 हजार 583 परिण्डे, गमले, टीन एवं टायर आदि की जांच में 347 स्थानों मेंं लार्वा मिले।

 


लार्वा मिलने पर नवोदय विद्यालय में पानी की टंकी एवं सिविल लाइन्स जैसे पॉश क्षेत्र में परिण्डे आदि खाली कराकर जागरूक किया गया। 738 जगह पर टेमीफोस एवं 118 स्थानों पर फोगिंग आदि एन्टीलार्वा गतिविधि की गई। विभाग की ओर से कुल 1699 स्थानों पर मिले लाखों लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।

 


सर्वे में 5 हजार 828 रोगियों को भी चिह्नित किया गया। इसमें बुखार के 2419 एवं बुखार एवं जोड़ों के दर्द के 674 मरीज मिले हंै। इसके अलावा 697 स्कूलों एवं 24 छात्रावासों में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 455 छात्रों के साधारण खांसी-जुकाम मिलने पर बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए।

 


कुछ दिन में लार्वा बन जाते हैं म'छर


सर्वप्रथम म'छर के अण्डा देने के कुछ दिन बाद ही यह लार्वा में बदल जाते है। इसके बाद प्यूमा एवं पूर्णत म'छर बन जाते है। ऐसे में म'छरों की संख्या में बढ़ोतरी को रोकने के लिए लार्वा को नियंत्रित करना ही सबसे प्रभावी उपाय है। स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों की ओर नियमित साफ-सफाई नहीं होने से म'छर पनपते जा रहे हैं।

 

आउटडोर 2 हजार पार


जिला चिकित्सालय में मौसमी बीमारियों के आउटडोर में मरीजों की संख्या करीब 2 हजार तक पहुंच गई है। ऐसे में पंजीयन काउन्टर, लेब एवं चिकित्सकों के कक्षों के आगे मरीजों की लम्बी कतार लगी दिखाई देती है। इससे मरीजों एवं उनके परिजनों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 


ऐसे फैलती है बीमारी


चिकित्सकों के अनुसार किसी भी म'छर के संक्रमित व्यक्ति को काटने करने पर वह भी संक्रमित हो जाता है। ऐसे में यदि वह म'छर किसी दूसरे व्यक्ति को काटता है तो उसके भी संक्रमित होने की पूरी संभावना रहती है। वहीं साफ पानी के म'छर के काटने से डेंगू भी हो सकता है।

 

 

औचक निरीक्षण किया


विभाग की ओर से मौसमी बीमारियों को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ऐसे में लालसोट क्षेत्र मेंं मंगलवार को नांगल राजावतान, खानवास, सोनड़, रामगढ़-पचवारा एवं डिडवाना पीएचसी पर औचक निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा अभियान के दौरान काफी जगहों पर लार्वा मिलने पर एन्टीलार्वा गतिविधि की गई है। समय-समय पर फोगिंग कराकर आमजन को जागरूक किया जा रहा है।
डॉ.ओपी बैरवा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दौसा



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