ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आश्विन 18 शक संवत् 1940 आश्विन शुक्ल प्रतिपदा बुधवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 24, मुहर्रम 29 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 10 अक्टूबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद् ऋतु।
राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। प्रतिपदा तिथि प्रातः 7 बजकर 26 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ, चित्रा नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 1 मिनट तक उपरांत स्वाती नक्षत्र का आरंभ, वैधृति योग पूर्वाह्न 11 बजकर 58 मिनट तक उपरांत विष्कुंभ योग का आरंभ। बव करण प्रातः 7 बजकर 26 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में नवरात्रि पर्व पर घटस्थापना एवं कलष स्थापन करने के लिए शुभ
चंद्रमा दिन रात तुला राशि पर संचार करेगा। आज ही शरद नवरात्रे प्रारंभ, घटस्थापन (पूर्वाह्न 11 बजकर 58 मिनट के बाद) द्वितीया तिथि का क्षय।
आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (री, रू, रे, रो , ता) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से सामान्य कद के होंगे। भौतिक जीवनशैली को विशेष पसंद करेंगे। इनकी सोच के हमेशा विचित्रता रहेगी। प्रायः इंजीनियरिंग के कार्य में निपुण रहेंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





No comments:
Post a Comment