राजसमंद. विधानसभा चुनाव के तहत आचार संहिता का उल्लंघन पर सी-विजिल एप पर फोटो, वीडियो से ऑनलाइन शिकायत पर मात्र 100 मिनट में कार्रवाई होगी। एप में शिकायत की जिला, राज्य व केन्द्रीय चुनाव आयोग से ऐसी सख्त मॉनिटरिंग है कि अगर पांच मिनट की देरी भी हुई, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी को नोटिस का जवाब देना होगा। शिकायत के बाद जांच दल को 45 मिनट में जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी और रिपोर्ट प्राप्त के बाद 30 मिनट की समयावधि में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी कार्रवाई करेगा या बताएगा कि कितनी देर में कार्रवाई होगी। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आचार संहिता की सख्त मॉनिटरिंग व त्वरित कार्रवाई के उद्देश्य से सी-विजिल एप जारी किया है। इस एप को गूगल प्ले स्टोर से कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्ट फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं। फिर कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन दिखाई दें, तो तत्काल उसके फोटो और 2 मिनट का वीडियो बनाकर उसे सी-विजिल एप पर भेज सकते हैं। साथ ही जिस तरह से आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है, उसका भी विवरण मय जगह के साथ लिखना होगा। शिकायत सीधे केन्द्रीय निर्वाचन आयोग में दर्ज होगी, जहां से तत्काल कार्रवाई के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश जारी होंगे, जहां से क्षेत्र में सक्रिय सतर्कता दल या रिटर्निंग अधिकारी को जांच के लिए निर्देश दिए जाएंगे। संबंधित जांच दल द्वारा 45 मिनट की समयावधि में जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी और अगले 30 मिनट में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा कार्रवाई करते हुए उसकी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ राज्य चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। इस तरह प्रत्येक शिकायत का 100 मिनट की समयावधि में निस्तारण करना अनिवार्य है।
गोपनीयता का खास ऑप्शन
सी-विजिल एप में शिकायत करने वाला व्यक्ति अगर खुद का नाम व मोबाइल नम्बर गोपनीय रखना चाहता है, तो पूर्ण रूप से उसका नाम गोपनीय रहेगा। अगर व्यक्ति खुद का नाम व मोबाइल नम्बर गोपनीय नहीं रखना चाहता है, तो कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट भी शिकायतकर्ता के मोबाइल पर मिलती रहेगी।
सुध नहीं तो फाइल ट्रांसफार्मर
एप पर शिकायत दर्ज होने के बाद पांच मिनट में अगर संबंधित अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया गया, तो शिकायत की फाइल पहले जिला निर्वाचन अधिकारी, फिर राज्य चुनाव आयोग से भी 5 मिनट की समयावधि में कार्रवाई नहीं होने पर रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंच जाएगी। देरी किस वजह से हुई, इसके बारे में संबंधित अधिकारी को स्पष्टीकरण देना होगा।
त्वरित कार्रवाई ही ध्येय
आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति सी-विजिल एप पर शिकायत करेगा, तो आगामी 100 मिनट में उसका निस्तारण करने के लिए प्रशासन बाध्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
श्यामलाल गुर्जर, जिला कलक्टर, राजसमंद





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