उदयपुर/ धरियावद. तहसील के करमेलिया वनखण्ड में आदमखोर पैंथर की मौजूदगी के बावजूद वनविभाग स्तर पर उसे पकडऩे के लिए अब तक की गई कोशिशें लगातार 11वें दिन विफल रही। लोगों के आक्रोश के बीच यहां रविवार को भी विभाग स्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी रहा। इधर, शनिवार शाम को ग्रामीण महिला पर पैंथर के हुए हमले ने प्रशासनिक अधिकारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस क्रम में रविवार को उपखण्ड अधिकारी रामचंद्र खटीक एवं सहायक वन संरक्षक सुबोधकुमार सिंह ने हांडाखेड़ा क्षेत्र का दौरा कर घायल हुई ग्रामीण महिला भैरकी मीणा की सुध ली और खैर खबर पूछी। दोनों ही अधिकारियों ने ट्रेप कैमरे एवं पिंजरों की स्थिति का मौका मुआयना किया। साथ ही ऑपरेशन को लेकर आगामी कार्ययोजना को लेकर जानकारी लेने के साथ आवश्यक निर्देश दिए। इधर, क्षेत्रीय वन अधिकारी दारासिंह राणावत के निर्देश पर पैंथर के हमले के बाद डरागांव, हांडाखेडा में गश्त तेज की गई। रविवार को दिनभर झड़ौली, देवला, गोपालपुरा, लोहागढ़ पंचायत के वन क्षेत्रों के अंदरूनी जंगली इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया।
हरसंभव मदद का दिलाया भरोसा
मौका मुआयना कर दोनों ही प्रशासनिक अधिकारियों ने 10 दिन पहले पैंथर के हमले में जान गवां चुकी मासूम सजिया के घर का भी दौरा किया। उन्होंने सजिया की मां से मुलाकात कर सरकार से मिलने वाली सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। अधिकारी झडौली के डरागांव पहुंचे, जहां एक सप्ताह पूर्व पैंथर के हमले से घायल देवली से मिले। अधिकारियों ने पैंथर के हमले में मारे गए गोवंश मालिकों को भी मुआवजा दिलाने की बात कही।
READ MORE : निगम की अनदेखी, जनता पर भारी...खुले में जलाया जा रहा है कचरा
अब वन समिति और ग्रामीणों की मदद
सर्च ऑपरेशन को लेकर सक्रिय विभाग ने अब पैंथर की उपस्थिति को लेकर वन समिति सदस्यों एवं ग्रामीणों की भी मदद लेने की कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत डरागांव, बुझबावडी, हांडाखेडा, पाटलाबावडी, देवला, वाजना डेम, लाम्बाकलम, करमाल ग्राम में रविवार तड़के से देर शाम तक संयुक्त अभियान भी चलाया गया। इसके बाद भी पैंथर से जुड़े कोई सुराग नहीं मिले।
मुवमेंट नहीं, अलर्ट विभाग
ग्रामीण महिला पर हमले के बाद २४ घंटे तक पैंथर के नहीं हुए मुवमेंट को लेकर विभाग सजगता दिखा रहा है। ऐहतियात के तहत विशेष गश्त की जा रही है। सर्च ऑपरेशन करमेलिया वनखंड सहित देवला, लोहागढ, झडौल एवं गोपालपुरा में जारी है। दो चरणों में सुबह-शाम १०-१० कार्मिकों का दल पैंथर की खोजबीन में जुटा है। सफलता के अभाव में विभागीय कार्मिक अब तक घर नहीं गए हैं। नवरात्रि और दशहरा भी उन्होंने ग्रामीणों के साथ मनाया।





No comments:
Post a Comment