पाली। जिले की सोजत पंचायत समिति के खारिया नीव गांव के ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी अमृत के समान मीठा पानी पीने को मिल रहा है। गांव के गोचर भूमि में दूर-दूर तक पीने के लिए पानी नहीं था। लोग मजबूरी में फ्लोराइड़ युक्त पानी पीने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना में गोचर में स्थित कलाण्डा नाडा का कायाकल्प किया गया। इस नाडा पर करीब 55 लाख लीटर पानी के स्टोरेज के लिए एक जलाशय बनाया गया। इससे रोजाना 200 ग्रामीणों व 700 पशुओं की प्यास बुझ रही है।
कालाण्डा नाडा में प्राकृतिक पानी की आवक व जमाव को देखते हुए इसको मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना अभियान तृतीय में स्वीकृत किया गया। इसमें एक बड़ा जलाशय बनाया गया। जलाशय से लिंक टांका व टांके में हैण्डपम्प तथा हैण्डपम्प के पास पशु खेली बनाई गई। जलाशय को स्वच्छ बनाए रखने के लिए चारों तरफ तारबंदी व गेट जाली बनाई गई। बारिश के मौसम में जलाशय लबालब हो जाए। इसके लिए एक चैनल गेट भी बनाया गया। इस पर करीब 52 लाख रुपए व्यय हुए। इस जलाशय की आठ फीट पानी की भराव क्षमता है। यह पूरा भर जाने पर ग्रामीणों व पशुओं को साल भर तक पानी उपलब्ध हो जाता है।
पशुपालकों के लिए वरदान बना
भेड़-बकरियां चराने वाले व आस-पास के बेरों में रहने वाले किसानों के लिए यह कलाण्डा नाडा वरदान बन गया है। पहले यहां पर पीने के लिए पानी ही नहीं था। अब पशुपालकों के साथ लोगों व पशुओं को शुद्ध पानी पीने को पानी मिल रहा है। इस क्षेत्र में भूमिगत फ्लोराइड युक्त पानी ही है।
जिला कलक्टर ने स्वीकृत किया
सहायक अभियंता नीमाराम सीरवी ने बताया कि खारिया नीव गांव में खारे पानी की समस्या थी। ग्राम पंचायत की ओर से प्रशासन को अवगत कराने पर जिला कलक्टर के निर्देश पर खारे पानी की समस्या से निजात के लिए वर्षा का शुद्ध मीठा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन में कलाण्डा नाडा को स्वीकृत किया गया।
मिल रही राहत
मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना में कलाण्डा नाडा में 55 लाख लीटर का जलाशय का निर्माण कराया गया। इस जलाशय से रोजाना 200 ग्रामीण व 700 पशुओं को पीने के लिए पानी मिल रहा है। लोगों को फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या से निजात मिल गई। -ए.के. सोनगरा, अधिशासी अभियंता, जिला परिषद पाली





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