Breaking News
recent

तेल की कीमतों पर मोदी सरकार का चुनावी दावं, पेट्रोल-डीजल 2.50 रुपए सस्ता, ये राज्य भी घटाएंगे दाम

नई दिल्ली। चार राज्यों में चुनावी बिगुल से पहले केंद्र सरकार ने एकबार फिर जनता को लुभाने के लिए सस्ते पेट्रोल-डीजल का पासा फेंक दिया है। गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेल की कीमतों को लेकर बड़ा ऐलान किया। वित्त मंत्री ने बताया कि तेल की कीमतों में ढाई रुपए की कटौती कर दी गई है। इसमें तेल कंपनियों को एक रुपए और सरकार को डेढ़ रुपए की एक्साइज ड्यूटी का भुगतान करना होगा। केंद्र की अपील के बाद भाजपा शासित राज्यों ने वैट की कटौती शुरू कर दी है। एक ओर जहां महाराष्ट्र सरकार ने वैट में 2.5 रुपए की कटौती की है तो गुजरात में भी पेट्रोल-डीजल के दाम 5 रुपए कम हो गए हैं।

राज्य सरकारें और सस्ता कर सकती हैं तेल के दाम

वित्त मंत्री ने संकेत दिए कि राज्य सरकारें चाहें तो एक्साइज ड्यूटी में और कटौती कर सकती हैं। जेटली ने कहा कि अगर राज्य सरकारें भी 2.5 रुपए तक वैट कम करती हैं तो आम आदमी को एक लीटर डीजल-पेट्रोल पर 5 रुपए तक का फायदा होगा. उन्होंने कहा कि पिछले साल जब तेल की कीमतें बढ़ रही थीं तब सरकार ने अक्टूबर के महीने में पेट्रोल डीजल से एक्साइज ड्यूटी को कम किया था। जेटली ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम करने से सरकारी खजाने पर 10, 500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय वजहों से बढ़ती हैं। कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिसका असर भारत पर ही हो रहा है. उन्होंने कहा कि देश का खजाना मजबूत होता तो सरकार ईंधन की कीमतों पर और कंट्रोल कर सकती थी।

सरकार पर लगातार बढ़ रहा था दबाव

केंद्र सरकार लंबे समय से ईंधन की कीमतों पर एक्साइज ड्यूटी कम करने पर विचार कर रही थी, ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार एक्साइज ड्यूटी कम से कम 5 रुपए कम कर सकती है। इसी बीच कांग्रेस के भारत बंद के दौरान भी कई राज्य सरकारो ने अपने स्तर पर तेल की कीमत में कमी करके केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया था। भारत बंद में विपक्ष की 21 राजनीतिक पार्टियों शामिल हुई थी। आंध्र प्रदेश और राजस्थान के बाद पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमत में एक रुपए की कटौती की थी। 10 सितंबर को व्यापक बंद के अपने फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी एक मंच पर विरोध करने जुटे थे। जिसके बाद नई दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था।

चुनावी मौसम में सस्ता होता तेल

पिछले साढ़े चार साल में लगभग ये ट्रेंड सेट होता दिख रहा है कि किसी भी राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले तेल के दाम आसमान पर होते हैं लेकिन चुनाव की तारीखें जैसे जैसे पास आती है तो या तो एक्साइज ड्यूटी में कटौती हो जाती है या फिर हर रोज बेतहाशा बढ़ने वाले तेल के दाम कछुए की चाल चलने लगता है।

चार साल के में सबसे ऊंचे स्तर पर तेल के दाम

गुरुवार को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 84 रुपए लीटर हो गया है। एक दिन की राहत के बाद गुरुवार को फिर पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी की वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा हो रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की तेजी थम गई, मगर कीमतें अब भी करीब चार साल के ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। तेल विपणन कंपनियों ने लगातार छह दिन के बाद बुधवार को डीजल और पेट्रोल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। बाजार के जानकार बताते हैं कि कच्चे तेल के दाम में इस सप्ताह जोरदार उछाल आया है, जिससे आगे पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है।

गुरुवार को पेट्रोल-डीजल के दाम

इंडियन ऑयल की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में गुरुवार को पेट्रोल क्रमश: 84 रुपए, 85.80 रुपए, 91.34 रुपए और 87.33 रुपए प्रति लीटर था। चारों महानगरों में गुरुवार को डीजल क्रमश: 75.45 रुपए, 77.30 रुपए, 80.10 रुपए और 79.79 रुपए प्रति लीटर हो गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या है हाल

इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर बेंट क्रूड का नवंबर डिलीवरी वायदा गुरुवार को 0.14 फीसदी की नरमी के साथ 86.17 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था जबकि पिछले सत्र में 86.74 डॉलर प्रति बैरल तक उछला जो पिछले चार साल का ऊंचा स्तर है। न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज यानी नायमैक्स पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई का दिसंबर डिलीवरी वायदा अनुबंध 0.21 फीसदी की नरमी के साथ 76.25 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। पिछले सत्र में 76.41 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। एंजेल ब्रोकिंग हाउस के ऊर्जा विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने कहा कि अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने के साथ-साथ कथित तौर रूस और सऊदी अरब के बीच उत्पादन बढ़ाने के समझौते से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव ऊपरी स्तर से फिसला है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.