ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल
राष्ट्रीय मिति आश्विन 08 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण पंचमी रविवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 14 मुहर्रम 19 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 सितम्बर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण दक्षिण गोल, शरद ऋतु।
राहुकाल सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। पंचमी तिथि प्रातः 7 बजकर 4 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ, रोहिणी नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 1 बजकर 41 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग सायं 7 बजकर 59 मिनट तक उपरांत वयतीपात योग का आरंभ, तैतिल करण प्रातः 7 बजकर 4 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ।
आज के मुहर्त- अनुकूल समय में समस्त कृषि कर्म करने के लिए शुभ मुहूर्त है।
चंद्रमा दिन रात वृष राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा अगले दिन सुबह 5 बजकर 45 मिनट से, षष्ठी का श्राद्ध, चन्द्र षष्ठी व्रत, षष्ठी तिथि का क्षय।
आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (ओ, वा, वी, वू, वे) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से मध्यम कदकाठी के होंगे। इनकी धर्म के पालन में विशेश रूचि रहेगी। एक अच्छे खिलाड़ी के समस्त गुण रहेंगे। प्रायः बोलने में नम्र रहेंगे।
पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।





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