नई दिल्ली। तेजी से उभर रहे 1,000 अरब डालर के हाइब्रिड क्लाउड बाजार पर हावी होने का संकेत देते हुए प्रौद्योगिकी दिग्गज आईबीएम ने सोमवार को ओपन सोर्स सोल्यूशंस मुहैया कराने वाली और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का स्वामित्व रखने वाली दिग्गज कंपनी रेड हैट को 34 अरब डॉलर में खरीदने की घोषणा की। दोनों कंपनियों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि यह आईबीएम का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है, जिससे उसे क्लाउड के लिए ओपन सोर्स का लाभ मिलेगा, जिसमें अद्वितीय सुरक्षा और पोर्टेबिलिटी मिलती है। यह सौदा पूरा हो जाने पर आईबीएम शीर्ष क्लाउड प्रोवाइडर बन जाएगी, जिसका संभावित बाजार 1,000 अरब डॉलर का है।
आईबीएम के लिए गेमचेंजर होगा रेड हैट का अधिग्रहण
आईबीएम की चेयरमैन, अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिन्नी रोमेट्टी ने कहा कि रेड हैट का अधिग्रहण गेम चेंजर साबित होगा। यह क्लाउड बाजार को बदल कर रख देगा। उन्होंने कहा कि आईबीएम दुनिया की शीर्ष हाइब्रिड क्लाउड प्रोवाइडर बन जाएगी, जो ओपन क्लाउड समाधान मुहैया कराएगी और कंपनियों को उनके व्यवसायों का पूर्ण मूल्य प्रदान करेगी। आइबीएम हाइब्रिड क्लाउड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविन्द कृष्णा ने कहा कि आईबीएम एक विश्वसनीय मल्टी-क्लाउड प्रोवाइडर बनने के लिए प्रतिबद्ध है, और हम मल्टीपल क्लाउड में रेड हैट प्रौद्योगिकी का प्रयोग करेंगे।
अमरीकी प्रौद्योगिकी उद्योग के इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण
आईबीएम द्वारा रेड हैट का अधिग्रहण अमरीकी प्रौद्योगिकी उद्योग के इतिहास का तीसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण है। सबसे बड़ा अधिग्रहण 2016 में डेल और ईएमसी के 67 अरब डॉलर के विलय से हुआ था। उसके बाद साल 2000 में जेडीएस यूनीफेस का 41 अरब डॉलर में अधिग्रहण ऑप्टिकल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी एसडीएल ने किया था। पिछले हफ्ते माइक्रोसॉप्ट ने कोड होस्टिंग और कोलैब्रेशन कंपनी गिटहब का 7.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था।





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