हाड़ेचा. बावरला ग्राम पंचायत मुख्यालय के लिए पेयजल आपूर्ति के लिए नर्मदा विभाग के अधिकारियों की ओर से चार किलोमीटर दूर मोटर लगवाई, लेकिन दो साल बीत के बाद भी गांव में पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। इधर पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर शनिवार व रविवार को ग्रामीणों ने बूस्टर पर जाकर विरोध प्रदर्शन कर नियमित पानी देने के साथ ही अवैध कनेक्शन को हटवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल से गांव के मुख्य बूस्टर पर पानी नहीं पहुंचा है। वहीं गांव की मुख्य आबादी सहित क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे है। इधर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल संकट के साथ ही मवेशियों के लिए पानी का संकट हो गया है। उसके बावजूद विभाग को कई बार चेतावनी देने पर भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस सांचौर ब्लॉक अध्यक्ष सेन्धाराम मेघवाल, शैतानसिंह, छोगसिंह, सांवलाराम मेघवाल, बाबूलाल, हितेश, भोमसिंह, राणाराम देवासी, सालुराम रेबारी, भेरुसिंह चौहान सहित कई ग्रामीणों ने बूस्टर पर विरोध प्रदर्शन कर अधिकारियों से पेयजल आपूर्ति की मांग की।
जीएलआर गेट पर उगी झाडिय़ां
बावरला ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित जीएलआर का कमरा बंद पड़ा है। वहीं गेट पर बबूल की झाडिय़ां उग गई है। लेेकिन विभाग के अधिकारियों की ओर से झाडिय़ों को भी नहीं काटा गया है।
इधर भी पेयजल समस्या...
इधर बावरला ग्राम पंचायत के विष्णुनगर, शिवनगर, आशापुरा, वासन, रुगनाथपुरा सहित राजस्व ढाणियों के साथ राजकीय विद्यालयों में पाइप लाइनें लगी हुई है, लेकिन उसके बावजूद पेयजल आपूर्ति नहीं होने से विद्यालय के छात्रों व ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर बावरला ग्राम पंचायत पर लगे बूस्टर पर ढीले तार भी हादसे का सबब बने हुए है।
करेंगे समाधान
पूर्व में लगा बूस्टर जल गया था। ऐसे में नया बूस्टर लगवा दिया गया है। वहीं अवैध कनेक्शनों के चलते पानी खेतों में चोरी होने से गांव के बुस्टर तक नहीं पहुंच पा रहा है।दो दिन मे समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
- अभिमन्युसिंह, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग सांचौर
गांव में पेयजल संकट को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवाया,लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है।
- छोगसिंह राजपूत, ग्रामीण
मुख्य केनाल पर लगे बूस्टर केवल कुछ भी दूरी पर है, लेकिन विभाग की ओर से ध्यान नहीं देने पर दो साल से गांव में जलापूर्ति बाधित है। ऐसे मेंं ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
- सेंधाराम मेघवाल, ग्रामीण





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