श्रीगंगानगर। सदर थाना इलाके में पदमपुर रोड पर बीएसएफ कैंप के समीप सोमवार सुबह छात्राओं को ला रही गुरुनानक गल्र्स स्कूल की बस टायर फटने से पेड़ से जा टकराई। हादसे में पांच छात्राएं घायल हो गई, जिनको तत्काल राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां से चार को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया और एक छात्रा को भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना पर स्कूल स्टाफ, परिजन, पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने बताया कि बस स्टैण्ड के समीप गुरुनानक गल्र्स स्कूल की बस पदमपुर रोड स्थित गांवों से छात्राओं को लेकर आ रही थी। बस में करीब चालीस छात्राएं थीं। पदमपुर रोड पर बीएसएफ कैंप के समीप बस का दाहिने तरफ का अगला टायर टायर फट गया। इसी दौरान सामने से एक स्कूटी पर सवा दो जने आ रहे थे। बाल वाहिनी के चालक ने स्कूटी वालों को बचाने के चक्कर में बस को दूसरी तरफ घुमा, जिससे बस पेड़ से टकरा गई। बस पेड से इतनी तेजी से टकराई की आगे बैठी दो छात्राएं बस से निकलकर बाहर आ गिरीं। वहीं बस में मौजूद बालिकाओं में चीख -पुकार मच गई। हादसे में कई बालिकाओं को चोंटे आईं। मामले की सूचना मिलने पर स्कूल प्रबंधक कमेटी व स्टाफ के लोग, सीओ सिटी तुलसीदास पुरोहित, सदर थाना, जवाहरनगर थाना पुलिस, एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान वहां आसपास के लोग जमा हो गए। हादसे में घायल हुई छात्राओं को तत्काल राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। इन छात्राओं को आई चोटें, एक भर्ती - पुलिस ने बताया कि बस हादसे में घायल गांव अरायण निवासी सिमरनप्रीत (15) पुत्री परमजीत सिंह को भर्ती किया गया है। जबकि हादसे में मामूली घायल 9 जी निवासी मनवीर (10) पुत्री हरपाल सिंह, 9 जी निवासी हर्षदीप (10) पुत्री हरफूल सिंह, 6 एन निवासी समनदीप (14) पुत्री निर्मल सिंह, गुरप्रीत (17) पुत्री सुरेन्द्र सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इसके अलावा अन्य कई छात्राओं को भी मामूली चोटें आई है।
परिजनों व स्कूल स्टाफ में मचा हडक़ंप -
छात्राओं से भरी बस पेड़ से टकराने की खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधक, स्टाफ व छात्राओं के परिजनों में हडक़ंप मच गया। परिजन, स्टाफ, प्रबंधन समिति के लोग तत्काल मौके की तरफ रवाना हो गए। वहीं कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
बालिकाओं की चीख सुनकर दौड़े लोग
- बस में चालीस छात्राएं स्कूल की तरफ आ रही थीं। इसी दौरान रास्ते में बस का टायर फट गया। टायर फटते ही बस का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान छात्राओं की चीख पुकार मच गई थी लेकिन जैसे ही एक धमाके के साथ बस पेड़ से टकराई तो छात्राओं की चीख निकल आई। दो बालिकाएं बस से निकलकर बाहर जा गिरीं। शुक्र रहा कि इस दौरान सडक़ पर कोई वाहन नहीं था। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। बस में बालिकाएं एक-दूसरे के ऊपर जा गिरीं। बालिकाओं की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े।
घिसे पड़े थे बस के टायर
- मौके पर लोगों ने बताया कि बस के टायर काफी घिसे हुए हैं। ऐसे में कभी भी हादसा होने का अंदेशा बन रहता है। बाल वाहिनी में चलने वाली बसों की फिटनेस सही नहीं होने कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। ना ही पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से कोई ध्यान दिया जाता है। पुलिस व परिवहन विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है लेकिन बाल वाहिनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।





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