भीलवाड़ा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच ने न्यायिक अधिकारी को यात्रा के दौरान परेशानी झेलने और मानसिक पीड़ा होने पर ट्रॉवेल्स कम्पनी को सेवा का दोषी माना है। मंच ने सिद्धार्थ टूर एंड ट्रॉवेल्स कम्पनी पर 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति व दस हजार रुपए परिवाद व्यय देने के आदेश दिए। मंच अध्यक्ष रमेशचंद मीना व सदस्य विनती तापडि़या ने यह निर्णय सुनाया।
अधिवक्ता आशीषकुमार शर्मा के जरिए न्यायिक अधिकारी आशाकुमारी पत्नी राजेन्द्रकुमार शर्मा ने परिवाद मंच में दायर किया। इसमें जयपुर के सिद्धार्थ टूर एंड ट्रॉवेल्स के मुख्य प्रबंधक, गंगानगर में कम्पनी के ब्रांच मैनेजर तथा भीलवाड़ा में कम्पनी के प्रतिनिधि केयर ऑफ कल्पना ट्रॉवेल्स मैनेजर के खिलाफ परिवाद दायर किया। परिवाद में बताया गया कि न्यायिक अधिकारी आशा कुमारी ने स्वयं और दो बच्चों के लिए 12 अप्रेल २017 को गंगानगर से भीलवाड़ा के लिए गंगानगर में कम्पनी से तीन सीट बुक करवाई।
इसके बदले 2100 रुपए लिए गए। शाम पांच बजे वातानूकुलित बस रवाना हुई। चालक ने बस का एसी चालू नहीं किया। इससे परिवादी व अन्य यात्रियों को घबराहट और बैचेनी होने लगी। बस में शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं थी।
रास्ते में एेसे होटल पर बस रोकी, जहां पेयजल व शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। अंधेरे के कारण महिला यात्रियों को असुविधा और भय का अनुभव करना पड़ा। चालक परिवहन विभाग की फ्लाइंग के डर से बस कच्चे रास्ते पर ले गया। इससे परिवादी के कमर व पेट में दर्द शुरू हो गया।
चालक रास्ते में बस रोककर सवारियां बैठाता व लगेज चढ़ाता रहा। चालक-परिचालक ने यात्रियों से अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। बस को तड़के 04.30 बजे आना, जबकि 06.45 बजे पहुंची। न्यायिक अधिकारी ने न्यायालय पहुंच कर कामकाज किया। दिनचर्या बिगड़ गई व मानसिक तानव झेलना पड़ा। स्वास्थ्य खराब होने से परिवादी व उनके बच्चों को चिकित्सक को दिखाना पड़ा।





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