सीकर. एक और स्वच्छ भारत के लिए मुहिम चला कर स्वच्छता का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि जिला तो दूर मुख्यालय पर सफाई की व्यवस्था मुहिम की पोल खुल रही है। हालात यह है कि पिछले चार साल से राधाकिशनपुरा से पुरोहितजी की ढाणी को जोडऩे वाला मार्ग अनदेखी के आंसू बहा रहा है।
करीब 800 मीटर दूरी वाले इस मार्ग के नहीं होने के कारण लोगों को एक से तीन किलोमीटर के चक्कर लगा घर जाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि क्षेत्र के लोगो ने अपने घरों के आगे मिट्टी और मलबा गिरवा रखा है। पानी निकासी का इंतजाम नहीं करने के कारण तीन वर्ष पहले एक बच्चे की बेसमेंट से डूबने से मौत हो गई थी।
बंद रहता है जनरेटर
शहरी सरकार की उपेक्षा के कारण यहां हालात नरक से बदतर है। नगर परिषद ने गली के मुहाने पर जनरेटर तो लगा दिया लेकिन 24 घंटे के दौरान महज आधा घंटे तक जनरेटर चलाया जाता है और यह पानी भी गली में ही छोड दिया जाता है। पार्षद को शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
मुरारीलाल, क्षेत्रवासी
15 फिट चौड़ाई में दलदल
शहर के दो प्रमुख क्षेत्रों को जोडऩे वाले इस मार्ग में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। करीब 15 फिट चौड़ाई में बहने वाले गंदे पानी के कारण एक दर्जन से ज्यादा घरों तक पैदल पहुंचना असंभव हो गया है। पिछले एक वर्ष से यहां से एक भी चौपहिया वाहन नहीं गुजरा है। मजबूरी में कई किलोमीटर के चक्कर लगाकर घर जाना पड़ रहा है।
देवकीनंदन, गायत्री नगर
हादसे का इंतजार
स्वच्छता अभियान के नाम पर ढोल पीटा जा रहा है लेकिन क्षेत्र में मक्खी मच्छरों का प्रकोप इतना ज्यादा है कि घर में मच्छर और कीट पंतगों के कारण खाना तक बनाना मुश्किल है। पिछले वर्ष यहां डेंगू के मच्छर के कारण एकाएक मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। प्रशासन को शायद किसी हादसे का इंतजार है।
परमेश्वरी , क्षेत्रवासी
लोग परेशान
राधाकिशनपुरा से पुरोहितजी ढाणी व पिपराली रोड जाने का मार्ग होने के कारण यहां से रोजाना सैंकडों लोगों आते-जाते हैं लेकिन मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण अक्सर लोग चोटिल जाते हैं।
नंदलाल, गायत्री नगर





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