राजसमंद.
पुलिस उप निरीक्षक भर्ती के लिए जिला पुलिस व प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं उस समय मजाक बनकर रह गईं जब दस केन्द्रों पर सिर्फ 75 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और उनकी निगरानी के लिए प्रत्येक केन्द्र पर पांच केन्द्राधीक्षक, वीक्षकों के अलावा सुरक्षा बंदोबस्त में दो डीएसपी, चार सीआई और दस थानेदारों सहित 150 जवानों का जाब्ता तैनात रहा। फिर भी राजसमंद शहर के साथ दर्जनभर से ज्यादा गांवों में इंटरनेट बंद कर दिया गया, जिससे डेढ़ लाख से ज्यादा उपभोक्ता परेशान हुए।
3 हजार में से 2 हजार 925 अनुपस्थित
जानकारी के अनुसार पुलिस उप निरीक्षक भर्ती 2016 के तहत रविवार सुबह 9 से 12 एवं 2 से 5 बजे तक दो पारियों में दस केन्द्रों पर परीक्षा आयोजित की गई। इसके लिए 3 हजार अभ्यर्थियों में से 2 हजार 925 अनुपस्थित रहे, जबकि सिर्फ 75 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। राउमावि राजनगर, राबाउमावि धोबी गली राजनगर, जवाहर नवोदय विद्यालय राजसमंद, सेठ रंगलाल राजकीय महाविद्यालय राजसमंद, पोलोटेक्निक कॉलेज राजसमंद, श्री बालकृष्ण राउमावि कांकरोली, राबाउमावि कांकरोली, राउमावि धोइंदा, गांधी सेवा सदन राजनगर में परीक्षा हुई। सभी केन्द्रों पर कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर डीएसपी राजसमंद डा. दुर्गसिंह, नाथद्वारा डीएसप ओम कुमार के साथ 4 सीआई, 10 थाना प्रभारियों सहित करीब डेढ़ सौ का जाब्ता तैनात रहा।
कम अभ्यर्थियों का ये कारण
सरकार द्वारा पुलिस उप निरीक्षक भर्ती वर्ष 2016 में निकाली गई, मगर लंबे समय से परीक्षा आयोजित नहीं हो पाई। परीक्षा अटकने से उप निरीक्षक के लिए आवेदन करने वाले कई अभ्यर्थियों ने अन्य प्रतियोगी परीक्षा में भी आवेदन कर दिया और वे परीक्षाएं पहले आयोजित होने से उनका चयन भी हो गया। ज्यादातर अभ्यर्थी शेखावाटी क्षेत्र हैं और रोडवेज बसों की हड़ताल के चलते कई अभ्यर्थी तय समय पर परीक्ष केन्द्र पर पहुंच ही नहीं पाए। इसके चलते अभ्यर्थी 3 हजार में से सिर्फ 75 अभ्यर्थी ही परीक्षा में शामिल हो पाए।
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