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रूई गोदाम में भीषण आग, बुझाने में लगे 7 घंटे

बाड़मेर. बीते चार दिनों में आग की तीसरी घटना सामने आई है। शहर के गेहूं रोड पर स्थित रूई गोदाम में सोमवार सुबह लगी आग कुछ ही देर में विकराल हो गई। इससे अफरा-तफरी मच गई। गोदाम में काम कर रहे श्रमिक आग से रूई को बचाने के लिए दौड़ पड़े। जो हाथ आया उसे गोदाम से बाहर लेकर आए। इस बीच नगर परिषद को सूचना देने पर दमकल पहुंची। दमकलों का पानी कई बार खत्म हो गया।

इसके चलते वाहनों को पानी भरकर लाने के लिए कई चक्कर लगाने पड़े। करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से रूई का गोदाम खाक हो गया। जिसे बुलडोजर से गिराना पड़ा। चार दिन पहले चामुंडा चौराहे पर स्थित एक सेनेट्री गोदाम में आग से सामान जल गया था। वहीं कोतवाली के पास एसबीआई शाखा का एसी आग में जल गया।


गेहूं रोड स्थित हाजी जमाल पुत्र हाजी अल्लाहरख कोटवाल के रूई के गोदाम में सुबह संभवत: शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लगने की जानकारी सामने आई है। आग लगने के बाद गोदाम धू-धू कर जलने लगा। आग की सूचना तत्काल दमकल को दी गई। सूचना पर नगर परिषद की एक दमकल पहुंची। लेकिन आग विकराल होने के चलते एक दमकल से काबू नहीं पाया जा सका। उसके बाद करीब दो घंटे तक आग की लपटें बढ़ती रहीं। हालांकि कुछ देर बाद पहुंची अन्य दमकल व आग बुझाने के संसाधनों से काबू पाया गया। गोदाम मालिक ने बताया कि आग से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। गोदाम को बुलडोजर से क्षतिग्रस्त करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि इसी गोदाम परिसर में पूर्व में भी आग की घटनाएं हो चुकी हैं।

रूई बचाने में जुटे श्रमिक
आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। यहां कार्यरत मजदूर रूई को बचाने के प्रयास में जुटे थे। दूसरी तरफ बड़ी संख्या में तमाशबीन पहुंच गए। इससे आग बुझाने में काफी परेशानी हुई। इसके चलते कोतवाली व ग्रामीण पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए भीड़ को हटाया।

नहीं मिला आग बुझाने का उपकरण
परिसर में कहीं पर भी आग पर काबू पाने का उपकरण नहीं मिला। शार्ट सर्किट से लगने वाली आग को उपकरण की मदद से तुरंत काबू पाया जा सकता है। लेकिन अधिकांश लोगों के इसकी अनेदखी करने पर आग विकराल हो जाती है।

15 दिनों में 8 घटनाएं
जिले में पिछले 15 दिनों में छोटी-बड़ी आग की 8 घटनाएं हो चुकी हैं। शहर में लगने वाली आग पर तो दमकल काबू पा लेती है। लेकिन दूर-दराज के गांवों और ढाणियों में कई बार संसाधनों के अभाव में आग में सब कुछ स्वाह हो जाता है।

आग की बड़ी घटनाएं, जांच फाइलों में दफन

-शहर के कृषि उपज मंडी परिसर की दुकानों में आग की भीषण घटना हुई थी। इस दौरान संदिग्ध का पता चलने की बात भी बात भी सामने आई। लेकिन जांच फाइलों में दफन हो गई।
-शहर के पॉश इलाके महावीर नगर में सिटी सेंटर में लगी आग की जांच का मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। यहां पर आग लगने के कारण फ्लैट में रहने वालों लोगों को कई दिनों तक अन्य जगह शरण लेनी पड़ी थी।

नहीं रखते फायर फाइटिंग उपकरण

शहर में बड़ी इमारतों में भी कई स्थानों पर फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं हैं। विभाग के जिम्मेदार इनकी मॉनिटरिंग भी नहीं करते। कई स्थानों पर उपकरण है तो उनकी देखरेख नहीं होती है। इसके चलते कभी आग की घटना होती है तो तुरंत काबू में नहीं आती है।

इस माह जिले में आग की घटनाएं

1 अक्टूबर: खंडप क्षेत्र के जालपुरा स्थित खेत में खेत में आग से झोंपा और घरेलू सामान स्वाह

7 अक्टूबर: पादरू के मिठोड़ा विद्युत सब स्टेशन में आग।
-वहीं धोरीमन्ना के खूमें की बेरी की ढाणी में आग से सामान जला

11 अक्टूबर: चामुंडा चौराहे पर सेनेट्री गोदाम में आग से सामान जला।

12 अक्टूबर: गिड़ा के खोखसर पश्चिम के बैरड़पुरा में ढाणी जलकर खाक।

-परेऊ के खारड़ा चारणान में विद्युत मीटर में शार्ट सर्किट से खेत में रखा चारा स्वाह।
-बाड़मेर में कोतवाली के पास स्थित एसबीआई बैंक का एसी जला।

13 अक्टूबर: चौहटन के रतासर की प्रजापतों की ढाणी में तीन झोंपे व घरेलू सामान राख।



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