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Alert..मौसम में हुई गुलाबी ठंडक, स्वाइन फ्लू वायरस है अटैक करने को तैयार

अजमेर.

मौसम में बदलाव, गुलाबी ठंड का एहसास होने के साथ ही स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय होने की भी आशंका अब बढ़ती जा रही है। स्वाइन फ्लू के जनवरी माह से अब तक करीब 54 मरीज पॉजीटिव आ चुके हैं। सर्दी में स्वाइन फ्लू वायरस सक्रिय होने से पूर्व सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक रोग है, इसका प्रसार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्तितक जल्द फैलता है। जब कोई स्वाइन फ्लू से ग्रसित व्यक्ति खांसता व छींकता है तो वायरस छोटी-छोटी बूंदों के साथ बाहर आ जाता है और हवा में रहने वाली छोटी बूंदें किसी भी व्यक्ति के सांस के साथ अन्दर जा कर उसे संक्रमित कर सकती है।

ये हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण

सिर दर्द, खांसी, बुखार होना, गले में खराश, नाक से पानी बहना, जुकाम होना, कमजोरी व थकान होना, भूख न लगना, उल्टी-दस्त होना।
स्वाइन फ्लू की यह हैं तीन श्रेणियां

ए श्रेणी - इसके अन्तर्गत सर्दी-जुकाम हल्का बुखार, गले में खराष, शरीर एवं सिर में दर्द, एवं उल्टी-दस्त के रोगी आते हैं।

बी श्रेणी- इसके तहत ए श्रेणी के लक्षणों के अलावा तेज बुखार तथा गले में तेज दर्द के लक्षणों वाले रोगी आते हैं। इसके अन्तर्गत पांच वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, बीपीएल परिवार के सदस्यों सहित अन्य मरीजों को भी शामिल किया जाता हंै। इन्हें टेमीफ्लू दवा दी जाती है।
सी श्रेणी- इसके अन्तर्गत श्रेणी ए व बी श्रेणी के लक्षणों के अलावा सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, चक्कर आना, बी.पी. कम होना, थूक के साथ खून आना एवं नाखूनों का नीला होना, बच्चों में चिड़चिड़ापन एवं भूख नहीं लगने के लक्षणों वाले रोगी आते हैं इनको तुरन्त स्वाइन फ्लू की जांच होस्पिटलाइजेशन तथा उपचार की आवश्यकता होती है।

ऐसे फैलता है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक रोग है, इसका प्रसार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जल्द फैलता है। जब कोई स्वाइन फ्लू से ग्रसित व्यक्ति खांसता व छींकता है तो वायरस छोटी-छोटी बूंदों के साथ बाहर आ जाता है और हवा में रहने वाली छोटी बूंदें किसी भी व्यक्ति के सांस के साथ अन्दर जा कर उसे संक्रमित कर सकती है।

उपचार एवं बचाव के उपाय

खांसी, जुकाम एवं बुखार होने पर तुरन्त चिकित्सालय जाकर चिकित्सक से सलाह लें, स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आने पर उन्हें चिकित्सक की देख-रेख में अलग रखें, स्वाइन फ्लू रोगी को टेमीफ्लू दवा आसल्टामिविर उम्र एवं वजन के अनुसार से दी जाए। वहीं बचाव के लिए लक्षण नजर आने पर तुरंत चिकित्सक से सम्पर्क करें, खांसी एवं छींकने के दौरान अपना चेहरा रुमाल या टिश्यु पेपर से ढंके कर रखे। भीड़भाड़ वाली जगह पर नहीं जाएं, पर्याप्त नींद लें तनाव एवं अफ वाह से बचें,बार-बार साबुन से हाथ धोएं। खूब पानी पीएं एवं पोषक भोजन खाएं।

स्वाइन फ्लू एवं मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए डोर टू डोर सर्वे, सम्पर्क में आए व्यक्तियों का उपचार के लिए तत्परता बरती जाती है। फिलहाल स्वाइन फ्लू का एक भी रोगी सामने नहीं आया है।
-डॉ. के.के. सोनी, सीएमएचओ अजमेर



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