नई दिल्ली। भारतीय टीम के स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या का आज 25वां जन्मदिन है। 11 अक्टूबर 1993 को गुजरात के सूरत में जन्मे पांड्या विश्व क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानें जाते हैं। आज पांड्या भले ही महंगे महंगे कपड़े पहनते हो या महंगी कार में घूमते हो लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनका परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर था।
परिवार को आर्थिक मुसीबतों का सामना करना पड़ा -
जी हां! पांड्या भले ही आज क्रिकेट के स्टार हो, लेकिन एक समय था जब उन्हें आर्थिक मुसीबतों का सामना करना पड़ता था। हार्दिक बेहद साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता फाइनेंसिंग का काम करते थे, लेकिन इससे ज्यादा कमाई नहीं हो पाती थी। साल 2010 में हार्ट अटैक के बाद खराब होती सेहत के कारण वह नौकरी नहीं कर पाए और इस वजह से घर की हालत बेहद खराब हो गई। एक समय ऐसा भी था जब उन्होंने घर खर्च के लिए घर के सामान को बेचना भी शुरू कर दिया था। हार्दिक की तरह उनके बड़े भाई क्रुणाल भी क्रिकेटर है। आईपीएल में पांड्या ब्रदर्स की जोड़ी मुंबई इंडियंस के लिए जमकर धूम मचाती है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान क्रुणाल ने हार्दिक का ऐसा मजाक उड़ाया कि जिसने भी सुना पेट पकड़कर हंसने को मजबूर हो गया।
बचपन में कला कह कर बुलाते थे -
दरअसल, 'वॉट द डक' नाम के एक यूट्यूब कार्यक्रम में क्रुणाल ने कहा, ' हार्दिक बचपन से ही वेस्टइंडियन की तरह दिखता है। जब कभी उसे (हार्दिक) कोई काला कहकर बुलाता था, तो मेरी मां उनके साथ लड़ने लगती थी कि वह काला नहीं है। मैं हमेशा मां को कहता कि आप लड़ क्यों रहे हो आपका बेटा काला है और अगर कोई उसे काला कहकर बुलाता है, तो क्या गलत है।' इतना ही नहीं क्रुणाल ने बताया एक बार केन्या की क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप 2003 से पहले बड़ौदा में प्रैक्टिस करने आई थी। केन्या के खिलाड़ी बस की प्रतीक्षा कर रहे थे। हार्दिक उस समय कैरेबियन बच्चे की तरह दिखता था, न कि भारतीय।' बड़ौदा में बच्चे केन्या के खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ लेना चाहते थे, लेकिन कोई भी खिलाड़ी उन्हें ऑटोग्राफ नहीं दे रहा था। अचानक, उन्होंने हार्दिक को देखा और सभी के बीच, उन्होंने हार्दिक को अकेले ऑटोग्राफ दिए, क्योंकि उन्हें लगा कि हार्दिक उनके देश से है। इस कारण उन्होंने इसे ऑटोग्राफ दिए।
किरन मोरे ने की मदद -
आपको बता दें हार्दिक नौवीं क्लास में फेल हो गए थे, इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और पूरी तरह से क्रिकेट पर फोकस किया। हार्दिक और उनके बड़े भाई क्रुणाल पांड्या के क्रिकेट के लिए उनका परिवार सूरत से बड़ौदा तक शिफ्ट हो गया। बड़ौदा आने के बाद हार्दिक और क्रुणाल ने टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर किरन मोरे की एकेडमी ज्वाइन कर ली, लेकिन उनके पास फीस देने के पैसे नहीं थे। किरन मोरे ने पंड्या भाइयों को क्रिकेट के गुर सिखाने के लिए पहले तीन साल तक कोई फीस नहीं ली थी। किरन मोरे की सलाह पर ही हार्दिक एक मीडियम पेस गेंदबाज बने, पहले वो लेग स्पिन गेंदबाजी करते थे।





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