जयपुर।
राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में चुनावों को लेकर सभी पार्टी और दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। साथ ही साथ प्रदेश में तीसरे मोर्चे भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में आम आदमी पार्टी, भारत वाहिनी पार्टियों ने भी प्रदेश की सभी 200 सीटों से चुनाव लड़ने की घोषणा कर तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रदेश में चुनावी मशक्कत बढ़ जाएगी।
प्रदेश में बीजेपी होने जा रहे आगामी चुनावों के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। इसीलिए पार्टी के साथ केंद्रीय नेतृत्व भी चुनावी तैयारियों में साथ खड़ा हुआ है। प्रदेश में मोदी शाह के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने भी राजस्थान में बीजेपी की चुनावी तैयारियों को जायजा लिया था। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री राजे और गजेंद्र सिंह शेखावत से भी पार्टी फीडबैक लिया।
इन्हीं तैयारियों को तेज करते हुए बुधवार को भाजपा की फीडबैक बैठक हुई। जिसमें चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, मंत्री अरूण चतुर्वेदी समेत जयपुर शहर के बगरू विधायक कैलाश वर्मा समेत कई विधायक जयपुर शहर उपस्थित रहे। प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि कोई इस बैठक में अपनी बात रख रहा है उसे भी हम सुन रहे हैं। हमने अभी सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों को आने वाले दिनों में कैसे क्रियान्वयन करना है और कैसे जनता तक पहुंचाना है इस बारे मे कार्यकर्ताओं से बात की है।
खन्ना सीधे तौर पर इस बैठक को दावेदारों की फीडबैक बैठक कहने से बचते रहे। विधानसभा चुनाव प्रबंध समिति के सहसयोंजक सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यकर्ता किसी भी सर्वे पर नहीं जाएं और एकजुट हो कर पार्टी के लिए काम करें।





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