सूरवाल. रबी सीजन की प्रमुख तिलहनी फसल सरसों की बुवाई में किसान जुट गए हैं। जिन्होंने पहले सरसों की बुवाई कर दी है, उन किसानों की फसलों में पेंटेड बग यानी धोलिया कीट और आरामक्खी का प्रकोप शुरू हो गया है। जिले के अधिकतर क्षेत्र में यही स्थिति है। कृषि अधिकारियों ने मथुरापुर, दोंदरी, करमोदा में भ्रमण कर किसानों को कीटों पर नियंत्रण की उचित सलाह दी। कृषि पर्यवेक्षक विजय जैन ने बताया कि धोलिया कीट का प्रकोप फसल के प्ररोह के कुछ ही दिन बाद दिखाई देता है। फसल में दो-तीन पत्ते निकलते ही कीट लगना शुरू हो जाते हैं।
इस रोग से पत्तियों के किनारे सफेद धब्बे दिखाई देते हैं, जिससे पत्ते नष्ट होने लगते हैं। कीट पत्तियों का रस चूसकर नुकसान पहुंचाते हैं। इस कीट के लगते ही किसानों को इस पर नियंत्रण के शीघ्र प्रयास शुरू कर देने चाहिए।जिले में रबी सीजन में सरसों की डेढ़ लाख हैक्टेयर से भी अधिक क्षेत्र में बुवाई किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। बेहतर है कि भूमि उपचार कर बुवाई की जाएं। कृषि पर्यवेक्षक ने बताया कि खड़ी फसल में कार्बेरिल 5 प्रतिशत चूर्ण या मैलाथियान 5 प्रतिशत चूर्ण 6 किलो प्रति बीघा के हिसाब से भुरकाव करें। पानी की सुविधा हो तो डायमिथोएट 30 ईसी एक मिली प्रति लीटर के हिसाब से घोलकर छिड़कें।





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