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नौ अभ्यर्थियों को नहीं मिला काउंसलिंग का मौका, चयनित लगा रहे चक्कर

चूरू.

प्रारंभिक शिक्षा के अधिकारियों की अनदेखी बेरोजगार युवाओं की सरकारी नौकरी की उम्मीदें तोड़ रही हैं। युवाओं की ओर से बार-बार अवगत करवाने के बावजूद अधिकारी पैंडिंग अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करवाकर नियुक्ति देने की बजाय पिछले नौ दिनों से चक्कर कटवा रहे हैं। माजरा ये है कि गत 25 सितंबर को जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक में तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल टू के शिक्षकों की काउंसलिंग हुई थी। इसमें आए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग करवा दी गई। मगर नौ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों को विचाराधीन में रखकर इन्हें काउंसलिंग के लिए नहीं बुलाया गया। इतना ही नहीं मैरिट में तीसरे स्थान पर रहे एक युवक को भी उच्चाधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए काउंसलिंग से वंचित कर दिया गया। अधिकारी ये कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कि कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद उन पर समय पर काउंसलिंग करवाकर नियुक्तियां देने का दबाव था। ऐसे में जिन दस्तावेजों के बारे में संदेह था। उन्हें एकबार विचाराधीन के रूप में अलग रख दिया गया। अधिकारियों से मार्गदर्शन मिलने पर इन्हें काउंसलिंग का अवसर देकर नियुक्ति दी जाएगी।

 

जानिए क्या है मामला
झुंझुनूं जिले के गांव लांबा की ढाणी निवासी सौरभ अंग्रेजी विषय में एडिशनल के साथ बीकॉम योग्यताधारी है। अभ्यर्थी ने गत १२ सितंबर को जिला परिषद में आयोजित बैठक में दस्तावेजों का सत्यापन करवा दिया। उस समय दस्तावेज सही पाए गए थे। मगर बाद में २५ सितंबर को हुई काउंसलिंग में उसे पात्र ना मानते हुए शामिल नहीं किया गया। इसी तरह के अलग-अलग बिंदुओं से जुड़े आठ प्रकरण और भी हैं जिन्हें काउंसलिंग का इंतजार है।

 

ये हैं विभागीय आदेश
कार्यालय निदेशक प्रारंभिक शिक्षा व पंचायतीराज (प्रा.शि.) राजस्थान, बीकानेर की ओर से २३ नवंबर को आदेश जारी किया गया था। आदेशों में लिखा गया कि ऐसे अभ्यर्थियों से50 रुपए के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पर शपथ पत्र प्राप्त कर उन्हें तत्काल नियुक्ति दी जाए। बिंदु संख्या तीन में लिखा गया है कि शिक्षक भर्ती 2018 लेवल टू के अंतर्गत स्नातक एडिशनल अंग्रेजी योग्यता के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के अन्यथा पात्र होने की स्थिति में इन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल कर शपथ पत्र के आधार पर नियुक्तियां प्रदान की जाए।

अभ्यर्थीकी काउंसलिंग को लेकर मैंने निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा से मार्गदर्शन मांग रखा है। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलते ही इनकी काउंसलिंग करवाकर नियुक्ति आदेश जारी करवाए जाएंगे।
संपत बारूपाल, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा, चूरू

 

अभ्यर्थी मुझसे मिला था। मैंने डीईओ को बुलाकार सारा प्रकरण पूछा है। डीईओ निदेशालय से पहले भी इस संबंध में मार्ग दर्शन मांग चुके हैं। आज दुबारा मेल करवा रहे हैं। निदेशालय से निर्देश मिलते ही काउंसलिंग करवा दी जाएगी।
नरेंद्र चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, चूरू

 

जो विचाराधीन मामले हैं उनके संबंध में आदेश जारी करवा रहे हैं। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
किशनदान चारण, सेक्रेटरी, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, बीकानेर



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