नई दिल्ली: रफाल डील मामले को लेकर करीब 90 दिनों से सरकार और विपक्ष के बीच ब्लेम गेम जारी है। कांग्रेस के आरोप पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राहुल गांधी के आरोपों में कोई दम नहीं है। गांधी परिवार भ्रष्ट परिवार है और राहुल गांधी बेशर्म होकर झूठ के सहारे राजनीति करते हैं। देश की जनता जानती है कि वो झूठ के सहारे राजनीति कर रहे हैं उससे कुछ होने वाला नहीं है। राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ मजाक कर रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा कि वो राहुल गांधी को चुनौती देते हैं कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का बयान लेकर आएं।
कोर्ट क्यों नहीं जाते राहुल गांधी
संबित पात्रा ने कहा कि आपके पास रफाल से संबंधित इतने मुद्दे हैं तो कोर्ट क्यों नहीं जाते। कैग या बाकी संस्थान के पास तो शिकायत दर्ज करा दी गई । लेकिन कोर्ट में इस मामले को क्यों नहीं ले जाया जा रहा है। इससे पहले राहुल के पीएम पर दिए बयान को लेकर भाजपा नेता शहनवाज हुसैन ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला था। शहनवाज हुसैन ने कहा था कि राहुल गांधी मर्यादा तोड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने पीएम पर साधा था निशाना
गौरतलब है कि इससे पहले रफाल डील प्रकरण को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया था । कांग्रेस मुख्यालय पर गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉंफ्रेंस में राहुल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि रफाल पर हुए नए खुलासे से साफ हो गया है कि प्रधानमंत्री ने 30 हजार करोड़ रुपए अनिल अंबानी की जेब में डाले हैं। इस दौरान उन्होंने फ्रांस दौरे को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी हमला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष ने फ्रांस की इन्वेस्टिगेशन वेबसाइट मीडियापार्ट में छपे एक आर्टिकल हवाले से कहा कि अब दसॉ के वरिष्ठ अधिकारी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि पीएम मोदी के कहने पर उन्होंने रिलायंस को रफाल डील में शामिल किया गया था।
रक्षा मंत्री के फ्रांस दौरे पर भी बोला था हमला
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इससे पहले फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति रफाल पर कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि अनिल अंबानी को इसका डील का कॉन्ट्रैक्ट मिलना चाहिए। अब रफाल के एक पूर्व अधिकारी ने कहा है कि भारत के पीएम ने अनिल अंबानी को 30,000 करोड़ रुपये का हर्जाना दिया है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आखिर ऐसी क्या इमर्जेंसी है आ गई थी कि रक्षा मंत्री को फ्रांस जाना पड़ा।





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