कोटा। निर्वाचन आयोग ने आज राजस्थान समेत 5 राज्यों के विधानसभा की तारीखों का ऐलान कर लिया। 200 सदस्यों वाले राजस्थान विधनसभा के लिए 7 दिसंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 11 दिसम्बर को की जाएगी। कांग्रेस और भाजपा दोनो ही दलों के लिए ये चुनाव बहुत अहम है।चुनाव आयोग के इसी एलान के साथ ही प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सियासी रणभेरी बज उठी। वैसे तो तमाम राजनीतिक दलों की ओर से पिछले कुछ महीने से राज्य में सियासी रंग चढ चुका है लेकिन चुनाव आयोग के एलान के बाद अब ये सियासी रंग और गाढा हो जाएगा।
चुनाव कार्यक्रमः
चुनावी कार्यक्रम पर एक नजर डालें तो 200 सदस्यीय विधानसभा चुनाव को लेकर अधिसूचना 12 नवंबर को जारी की जाएगी और पर्चा भरने की आखिरी तारीख 19 नवंबर तक होगी। 20 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी तो 22 नवंबर तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा। 7 दिसंबर को मतदान होगा तो 11 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी ।
चुनाव कार्यक्रम के एलान के साथ ही प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। आयोग ने चुनाव के लिए जहां तमाम अहम बंदोबस्त किए हैं वहीं राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मीडिया के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।
राज्य की मौजूदा विधानसभाः
राज्य की मौजूदा विधानसभा की बात करें तो 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में प्रदेश की कुल 200 सीटों में से 163 भाजपा के खाते में गई थी, जबकि कांग्रेस के खाते में 21 सीटें गई थीं।
EC चुनाव घोषणा का मामलाः कांग्रेस के बाद अब यशवंत सिन्हा ने बोला आयोग पर हमला
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के विधानसभा चुनाव की घोषणा का समय बदलने का विवाद अब तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के बागी नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी निर्वाचन आयोग पर अपनी भड़ास निकाली है। सिन्हा ने कहा है कि प्रधानमंत्री अजमेर में रैली कर सकें इसके लिए ईसी ने अपनी प्रेसवार्ता का समय बदल दिया। जो काफी निराशाजनक है। आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने आयोग के समय बदलने को लेकर सवाल पूछा था कि किसके इशारे पर आयोग ने समय में बदलाव किया।
कांग्रेस के चुनाव घोषणा के समय बदलने वाले सवाल पर निर्वाचन आयोग का जवाब आया है। हालांकि ये जवाब सुनकर आपको भी हैरत होगी...दरअसल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाते हुए सवाल उठाया किसके इशारे पर निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों का समय बदला। चुनाव आयोग की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों की तारीखों को लेकर दोपहर 12.30 बजे प्रेसवार्ता का समय दिया था। लेकिन आधे घंटे बाद ही इस समय में बदलाव कर दिया गया और प्रेसवार्ता को दोपहर 3 बजे के लिए स्थगित कर दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर में होने वाली रैली के चलते निर्वाचन आयोग ये कदम उठाया।





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