Breaking News
recent

नवरात्र विशेष -जैसाणे मे आस्था का ज्वार, शक्तिपीठों में धर्म की बयार

जैसलमेर. पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले में शारदीय नवरात्रा के दौरान लोग धार्मिक पुण्य अर्जित करने के लिए उत्साह व उल्लास अपने चरम पर दिखाई दिया है। इसके साथ ही शक्तिपीठों व देवी मंदिरों में आस्था का ज्वार अपने उफान पर दिखाई दे रहा है। नवरात्र के दौरान आध्यात्मिकता व धार्मिकता के रंग से सराबोर जैसाणे में देवी मंदिरों में दर्शन करने का श्रद्धालुओं में उत्साह है धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की होड़ भी..। जैसलमेर से 120 किलोमीटर दूर भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा बल की तनोट चौकी पर बना मातेश्वरी तनोटराय मंदिर के 1965 और 1971 में युद्ध के दौरान हुए चमत्कारों से आज भी सीमा सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी अभिभूत हैं। यह मंदिर देश भर के श्रद्धालुओं की भी श्रद्धा का भी केन्द्र है। देश भर से श्रद्धालु नत मस्तक होने पहुंचते हैं। मन्दिर की पूजा-अर्चना सीसुब के जवान ही करते हैं। तनोट क्षेत्र सामरिक दृष्टिï से काफी महत्वपूर्ण है। नवरात्रि के मौके पर तनोट मंदिर में आस्था का ज्वार उमड़ रहा है।
स्वर्णनगरी में आस्था का केन्द्र है देवी मंदिर
शारदीय नवरात्रा के दौरान नौ दिन माता के नौ स्वरुपों के दर्शन करवाए जाते हैं। जैसलमेर की गांधी कालोनी क्षेत्र में करीब 15 गुणा 25 फीट भूखण्ड पर बना यह मंदिर आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण है। चमत्कारिक माने जाने वाले हिंगलाज देवी मंदिर में कई लोगों ने श्रद्धावश चांदी के छत्र चढ़ाए हैं। जैसलमेर में खत्री समाज की कुलदेवी मानी जाने वाली हिंगलाज माता के दर्शन करने हर दिन महिलाएं, पुरुष, वृद्ध एवं बच्चे यहां पहुंचते हैं। शेर पर सवार माता के दर्शन करने के लिए लोग उत्साहित नजर आते हैं।

फैक्ट फाइल-
-7 पूजनीय बहिनों के मंदिर विख्यात है शक्ति पीठों के रूप में
- 12 से अधिक देवी मंदिर जैसलमेर में बने हुए है आस्था का केन्द्र
- 2 वार वर्ष में चैत्र व शारदीय नवरात्रा में देवी मंदिरों में होते है धार्मिक आयोजन
- 8 0 हजार से अधिक आबादी निवास करती हैजैसलमेर शहर में
- 3 हजार से अधिक बम पाकिस्तान ने फैंके थे तनोट मंदिर क्षेत्र में



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.